कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में खुद को आरबीआई का अधिकारी बताकर ठगी करने वाले आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।

आरोपी ने एलआईसी की बंद पड़ी पाॅलिसी की राशि को वापस दिलाने के नाम पर 69.37 लाख की ठगी की थी।

जानकारी के मुताबिक, 7 अक्टूबर को एक पीड़ित द्वारा साइबर पुलिस थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा खुद को राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (NCDRC) व भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का अधिकारी बताकर बंद पड़ी एलआईसी पॉलिसी में जमा राशि वापस दिलाने का झांसा दिया।

आरोपियों द्वारा पॉलिसी की राशि रिकवर कराने, विभिन्न संस्थाओं से एनओसी प्राप्त करने व न्यायालयीन प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग किस्तों में माह नवम्बर 2025 से अक्टूबर 2026 के मध्य कुल 69,37,518 रुपये की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की गई। इस शिकायत पर साइबर पुलिस थाना कबीरधाम में अपराध पंजीबद्ध कर जाँच में लिया गया।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देश पर थाना प्रभारी साइबर पुलिस थाना के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित कर जाँच की गई। साथ ही आरोपी मोहम्मद जैद खान, निवासी जामिया नगर, दिल्ली की संलिप्तता सामने आई।

आरोपी की लोकेशन दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मिलने पर साइबर पुलिस टीम दिल्ली रवाना हुई। वहां स्थानीय पुलिस की सहायता से सघन आबादी वाले क्षेत्र में आरोपी के हुलिए व तकनीकी इनपुट के आधार पर 5 दिनों तक तलाश की गई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी मोहम्मद जैद खान को हिरासत में लिया गया और गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद जैद खान पिता जियाउद्दीन खान 37 वर्ष निवासी जामिया नगर दिल्ली को गिरफ्तार किया गया। आरोपी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में कार्यरत था।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने पूर्व परिचित व लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में कार्यरत अन्य सहयोगी के साथ मिलकर बंद पड़ी बीमा पॉलिसियों की राशि वापस दिलाने व पॉलिसी को फिर चालू कराने के नाम पर लोगों से संपर्क करता था।

आरोपियों द्वारा खुद को राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग व भारतीय रिजर्व बैंक का अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतते हुए उन्हें बड़ी रकम वापस मिलने का लालच देता था।

इसके बाद विभिन्न संस्थाओं से एनओसी प्राप्त करने, न्यायालयीन प्रक्रिया एवं अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई जाती थी। इस प्रकार आरोपियों द्वारा फर्जी बैंक खातों व मोबाइल नंबरों का उपयोग कर सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दिया जाता था।

पूछताछ के दौरान आरोपी मोहम्मद जैद खान ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर उक्त घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपी की पतासाजी व गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।