CG News।बिलासपुर। प्रदेशभर के पटवारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसमें बिलासपुर जिले के 259 पटवारी शामिल हैं। सभी पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने संबंधित पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

पटवारियों के नाम जारी नोटिस में तत्काल अपने कर्तव्य पर उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करने तथा संबंधित तहसीलदार के माध्यम से उसी दिन व्यक्तिगत लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्धारित तिथि पर मुख्यालय में उपस्थिति नहीं देने एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जारी नोटिस में कहा गया है कि 13 अक्टूबर से सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति अथवा स्वीकृत अवकाश के बिना कर्तव्य से अनुपस्थित रहने के कारण महत्वपूर्ण एवं समयबद्ध शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, फिजिकल वेरिफिकेशन, एग्रीस्टैक तथा आगामी धान खरीदी से संबंधित कृषक अभिलेखों का सत्यापन शामिल है। इसके अलावा आय, जाति एवं निवास प्रमाणपत्रों के लिए आवश्यक जांच प्रतिवेदन, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों सहित अन्य जरूरी कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।

नोटिस में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि चक्रवाती तूफान के कारण विभिन्न क्षेत्रों में हुई फसल क्षति का त्वरित सर्वेक्षण, नुकसान का आकलन और पात्रतानुसार राहत संबंधी कार्रवाई प्राथमिकता से की जानी है।

पटवारियों की अनुपस्थिति से ये अत्यावश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों एवं आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

संबंधित पटवारियों से अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई, अनुपस्थिति अवधि के वेतन एवं अन्य सेवा लाभों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई तथा उक्त अवधि को सेवा में व्यवधान (ब्रेक इन सर्विस) माने जाने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

ये है प्रमुख मांगे

• पीवी ऐप का विरोध और व्यावहारिक दिक्कतें: पटवारी संघ का कहना है कि नए पीवी ऐप के जरिए फसल भौतिक सत्यापन (गिरदावरी) करने में तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं आ रही हैं, और इसमें सुधार या इसे बंद करने की मांग की जा रही है।

• दंडात्मक कार्रवाई का विरोध: पीवी ऐप के बहिष्कार के चलते पटवारियों पर किए जा रहे तबादलों, नोटिस और निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाइयों को तुरंत निरस्त करने की मांग है।

• वेतन विसंगति का निराकरण: वर्ष 2017 में ग्रेड-पे 2200 रुपये से बढ़ाकर 2400 रुपये किए जाने के बाद तहसील और जिला स्तर पर हुई विसंगतियों को दूर करने की मांग।

• पदोन्नति: वर्षों से लंबित पटवारियों की पदोन्नति का रास्ता खोलने की मांग (नायब तहसीलदार आदि पदों पर समय पर प्रमोशन दिए जाएं)।

• अन्य स्थानीय मांगें: भुइयां पोर्टल में मैनुअल फसल प्रविष्टि का विकल्प शुरू करना और राजस्व सर्वेक्षण से जुड़ी मांगें शामिल हैं।