CG Weather, आंधी और बारिश से मिली बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ के 15 जिलों में ओलावृष्टि और वज्रपात का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी!
राजधानी सहित प्रदेश में शुक्रवार को मौसम में बदलाव देखा गया। शहर में कई जगहों पर दोपहर बाद आंधी और बारिश हुई। कुछ मिनटों हुई बारिश से लोागों को गर्मी से राहत मिली है। इस बीच मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के लिए कई जिलों में हल्की बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी किया है। इस बदलाव से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

CG Weather/छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट बदली, जिससे भीषण गर्मी और तपिश झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। रायपुर शहर के विभिन्न इलाकों में दोपहर बाद तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश ने वातावरण में ठंडक घोल दी है।
हालांकि, यह सुहाना मौसम अपने साथ कुछ चेतावनियां भी लेकर आया है। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के लिए प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के मुताबिक, देर शाम तक बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, बेमेतरा, बिलासपुर, धमतरी, गरियाबंद, दुर्ग, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम), कवर्धा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी), मुंगेली, कोरबा, कोरिया और बलरामपुर में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश होने का प्रबल पूर्वानुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अचानक आए बदलाव के पीछे कई मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं। वर्तमान में पश्चिम बंगाल से लेकर ओडिशा तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है। इसके अतिरिक्त, वायुमंडल में लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय है, जो मौसम को अस्थिर कर रहा है।
साथ ही, दक्षिण-पूर्व राजस्थान के ऊपर बना एक चक्रीय परिसंचरण और मराठवाड़ा से लेकर दक्षिण कर्नाटक तक फैली एक द्रोणिका ने हवाओं की गति और नमी को प्रभावित किया है। इन संयुक्त कारणों से प्रदेश के एक-दो स्थानों पर वज्रपात (आकाशीय बिजली) और ओलावृष्टि की गंभीर चेतावनी दी गई है।
इससे पहले प्रदेश के कई हिस्सों में लू जैसे हालात बने हुए थे। गुरुवार को राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक रहा। वहीं, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन से तापमान में गिरावट तो दर्ज की गई है, लेकिन ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान वे पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें, क्योंकि अचानक आने वाली तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं। फिलहाल, राजधानी में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने शाम को खुशनुमा बना दिया




