CG School News- मनमानी फीस वसूलने वाले निजी स्कूलों से DPI ने माँगाहिसाब
विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन स्कूलों ने अब तक इस समिति का गठन नहीं किया है, उन पर क्या कार्यवाही की गई है, इसकी पूरी जानकारी शासन को देनी होगी। सरकार का स्पष्ट मानना है कि हर अशासकीय स्कूल में इस समिति का होना अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

CG School News/छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों में मनमाने तरीके से बढ़ रही फीस और अभिभावकों पर पड़ रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को देखते हुए शासन ने अब कड़ा रुख अखियार कर लिया है।
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में ‘फीस विनियमन अधिनियम’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग को पिछले काफी समय से लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल इस अधिनियम के तहत तय की गई प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रहे हैं और अपनी मनमर्जी से फीस वसूल कर रहे हैं, जिससे आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
CG School News/इस गंभीर स्थिति को देखते हुए संचालनालय ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को एक अल्टीमेटम जारी किया है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे 17 अप्रैल 2026 तक अपने जिलों की सभी निजी शालाओं में ‘फीस विनियमन समिति’ के गठन की अनिवार्य रूप से पुष्टि करें।
CG School News/विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन स्कूलों ने अब तक इस समिति का गठन नहीं किया है, उन पर क्या कार्यवाही की गई है, इसकी पूरी जानकारी शासन को देनी होगी। सरकार का स्पष्ट मानना है कि हर अशासकीय स्कूल में इस समिति का होना अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इतना ही नहीं, लोक शिक्षण संचालनालय ने इस बार पारदर्शिता को लेकर भी सख्त तेवर दिखाए हैं। स्कूलों से यह रिपोर्ट तलब की गई है कि क्या शुल्क निर्धारण के लिए प्रतिवर्ष निर्धारित नियम के तहत बैठकें आयोजित की जा रही हैं या नहीं। साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि प्रत्येक स्कूल अपने नोटिस बोर्ड पर निर्धारित शुल्क की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करे। इससे अभिभावकों को यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि उनसे ली जा रही फीस कितनी जायज है।
विभाग ने अपनी निगरानी का दायरा बढ़ाते हुए पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों (2024-25, 2025-26 और 2026-27) के दौरान आयोजित जिला स्तरीय शुल्क समितियों की बैठकों का पूरा ब्यौरा भी मांगा है। सरकार ने सीधे तौर पर यह सवाल किया है कि पिछले तीन वर्षों में इन समितियों ने क्या भूमिका निभाई और कितनी बैठकें की गईं?
CG School News/संचालनालय के उप संचालक ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि फीस विनियमन में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों और जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।





