बिलासपुर… NEET पेपर लीक, जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और केंद्र सरकार की शिक्षा नीति के विरोध में शुक्रवार को ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AISDO) की बिलासपुर जिला इकाई ने कलेक्टर कार्यालय के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। कलेक्टर कार्यालय का मुख्य द्वार खुला रहा और प्रशासनिक व्यवस्था भी सामान्य बनी रही।

धरने को संबोधित करते हुए संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक ने देश की परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने के बजाय पूरे मामले को दबाने में लगी है। वक्ताओं ने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने से बच रही है।

AISDO ने अपने ज्ञापन में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से मांग रखी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग किया जाए। संगठन ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले डेढ़ माह से छात्र-युवा शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों पर लाठीचार्ज कर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया। संगठन ने इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार और परीक्षा प्रणाली की खामियों के कारण देशभर के लाखों छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।

धरने के दौरान संगठन ने NEET पेपर लीक प्रकरण से जुड़े 21 मृत प्रतियोगी छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई। साथ ही दिल्ली पुलिस की कथित बर्बरता की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई।

संगठन के जिला सचिव सूरज साहू ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

धरना समाप्त होने के बाद AISDO के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, NTA को समाप्त करने, धर्मेंद्र प्रधान और अमित शाह के इस्तीफे तथा छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।