Bilaspur
आनलाइन गेमिंग में लाखों रूपयों की ठगी…भिलाई और बैकुण्ठपुर में पकड़ाए आरोपी..छानबीन में खुलासा..ऐसे दिया अंजाम
आरोपियों ने शिकार को मिलकर इस तरह किया काम

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बिलासपुर—रेंज सायबर पुलिस ने ऑनलाइन फायनेंशियल फ्रॉड प्रकरण में अंर्तजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने साइबर ठग के खिलाफ आईजी डॉ. संजीव शुक्ला और पुलिस कप्तान रजनेश सिंह के आदेश पर गिरफ्तार दोनो ठग सुपेला भिलाई और सरगुजा के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार पकड़े गए दोनो मंसूबों को अंजाम देने से पहले टारगेट को वाट्सअप जोड़ते थे। इसके बाद शेयर ट्रेडिंग एप के माध्यम से अधिक लाभ कमाने का झांसा देते थे। पकड़े गए दोनो आरोपियों ने आनलाइन 14.25 लाख रुपयों की ठगी का अपराध कबूल किया है।
आरोपियों का नाम पता ठिकाना
1)रामकृपाल साहू पिता देवराम साहू उम्र 35 वर्ष निवासी इंद्रावती नगर कोहका थाना सुपेला भिलाई।
2)जितेन्द्र अग्रवाल पिता वेद प्रकाश अग्रवाल निवासी अम्बिकापुर,हाल मुकाम संजय नगर बैकुण्ठपुर कोरिया।
इस तरह दिया मंसूबों को अंजाम
पुलिस के अनुसार शांतिनगर मंगला चौक निवासी श्याम सुंदर प्रसाद ने थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराया। पीड़ित ने बताया कि 5 जनवरी 2025 से 27 जनवरी 2025 के बीच आरोपी ने शेयर ट्रेडिंग में तीन गुना लाभ का झांसा देकर कुल 14,25,000 रूपयों की ठगी को अंजाम दिया है। प्रकरण को तत्काल दर्ज किया गया।
छानबीन के दौरान पीड़ित बैंक खाता और बैंक स्टेटमेंट खंगाला गया। साथ ही सायबर पोर्टल में दर्ज एटीआर रिपोर्ट के आधार पर खाताधारको और मोबाईल धारकों का पता लगाया। पड़ताल के दौरान जानकारी मिली कि ठगी का काम बैकुण्ठपुर कोरिया और कोहका दुर्ग से अंजाम दिया गय है। पुलिस ने तत्काल अभियान चलाकर संदेहियों का बैंक खाता, मोबाइल नम्बर का पता लगाया गया।
पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद सुपेला भिलाई से रामकृपाल साहू और कोहका बैकुण्ठपुर से जितेन्द्र अग्रवाल को पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने साथियों के साथ ऑनलाईन गेमिंग के नाम पर ठगी का अपराध कबूल किया। आरोपियों से बताया कि ऑनलाईन गेमिंग के नाम पर किराये में खाता लेने-देने के दौरान कमीशन पर ठगी को अंजाम दिया है। कमीशन राशि को आपस में बांट लिया है। इस दौरान लाखों रुपयों का हस्तांतरण किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी रामकृपाल साहू के खिलाफ सुपेला थाना में क्रिकेट सट्टा खेलने और खिलाने को लेकर अपराध दर्ज होना पाया गया है। ऑनलाईन ठगी में उपयोग में लाये गए मोबाईल, सीम कार्ड, एटीएम कार्ड, पेन कार्ड और आधार कार्ड जब्त किया गया है। आरोपियों को बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने के बाद जेल दाखिल कराया गया है।