बिलासपुर…कोयला चोरी और मिलावट के बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे एक और आरोपी को सकरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने समृद्धि विहार, कोनी निवासी अजय कुमार सिंह (36) को घेराबंदी कर पकड़ा और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।

दीपका माइंस से आए कोयले में गड़बड़ी

पुलिस के अनुसार, 10 जून को भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड, लोखंडी के प्रतिनिधि आर.के. पाण्डेय ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि दीपका कोल माइंस से एफ/जी ग्रेड का कोयला प्लांट के लिए मंगवाया गया था, लेकिन तीन ट्रेलरों से पहुंचे कोयले की लैब जांच में गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई।

जांच के दौरान ट्रेलर चालकों ने खुलासा किया कि कोयले की हेराफेरी कर उसमें मिलावट की गई थी। पुलिस जांच में बालाजी कोल ट्रेडिंग एंड कंस्ट्रक्शन के संचालकों और प्लांट से जुड़े कुछ लोगों की कथित मिलीभगत सामने आई।

पहले छह आरोपी जा चुके हैं जेल

मामले में पुलिस पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है। इनमें ट्रेलर चालक और कथित तौर पर हेराफेरी से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। जबकि आरोपी अजय कुमार सिंह घटना के बाद से फरार था।

घेराबंदी कर कोनी से पकड़ा गया आरोपी

सकरी पुलिस ने लगातार पतासाजी और मुखबिर सूचना के आधार पर कोनी क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी अजय कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

संगठित कोयला नेटवर्क पर पुलिस की नजर

कोयला चोरी और मिलावट के इस मामले ने एक बार फिर जिले में संचालित कथित संगठित नेटवर्क की ओर इशारा किया है। पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए अन्य पहलुओं और संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।