cg Looteri Dulhan: लुटेरी दुल्हन का शिकार हुआ दूल्हा; शादी के 4 दिन बाद जेवर-कैश लेकर गायब, वापस भेजने के नाम पर मांगे 50 हजार अतिरिक्त
आरोप है कि शादी के चौथे दिन रात के समय दुल्हन शौचालय जाने की बात कहकर घर से बाहर निकली और फिर वापस नहीं लौटी। परिजनों का दावा है कि पहले से घात लगाए कुछ लोग उसे चुपके से अपने साथ गाड़ी में बैठाकर ले गए।

cg Looteri Dulhan,Cg news।सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र से शादी के नाम पर कथित ठगी और ‘लुटेरी दुल्हन’ (cg Looteri Dulhan) का मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश निवासी पीड़िता रामकली बाई ने जिला पुलिस अधीक्षक (SP) सरगुजा के समक्ष लिखित आवेदन सौंपकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की गुहार लगाई है।
1 लाख नकद और 1 लाख के जेवर लेकर हुई थी शादी
पीड़िता रामकली बाई के अनुसार, उनके बेटे तुलसीदास लोधी की शादी 23 मई 2026 को सरगुजा के जमगला निवासी एक युवती के साथ तय हुई थी। इस विवाह को कराने में जमगला गांव के ही दो मध्यस्थों (बिचौलियों) ने मुख्य भूमिका निभाई थी।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि शादी के एवज में दूल्हे पक्ष से ₹1 लाख नकद और करीब ₹1 लाख मूल्य के सोने-चांदी के जेवर लिए गए थे। विवाह संपन्न होने के बाद दुल्हन ससुराल आई और करीब तीन दिनों तक वहां रही।
चौथे दिन शौचालय का बहाना बनाकर हुई फरार
आरोप है कि शादी के चौथे दिन रात के समय दुल्हन शौचालय जाने की बात कहकर घर से बाहर निकली और फिर वापस नहीं लौटी। परिजनों का दावा है कि पहले से घात लगाए कुछ लोग उसे चुपके से अपने साथ गाड़ी में बैठाकर ले गए।

जब ससुराल पक्ष के लोग दुल्हन को वापस लाने के लिए उसके मायके पहुंचे, तो बिचौलियों और युवती पक्ष की ओर से दुल्हन को दोबारा भेजने के एवज में ₹50,000 की अतिरिक्त मांग की गई। पीड़ित परिवार ने इसे सुनियोजित तरीके से की गई गिरोहबंदी और आर्थिक व मानसिक प्रताड़ना का मामला बताया है।
पीड़ित परिवार के अनुसार 6 अगस्त 2026: उन्होंने लखनपुर थाने में लिखित आवेदन देकर धोखाधड़ी (420) का मामला दर्ज करने तथा ऐंठे गए पैसे व जेवर वापस दिलाने की मांग की थी।

एसपी से शिकायत: स्थानीय थाने में उचित सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए पीड़िता ने सरगुजा एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा मामले की जांच के निर्देश दिए जाने की बात कही जा रही है। जांच और दोनों पक्षों के बयानों के बाद ही पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा।





