पुलिस का बड़ा खुलासा..साइबर ठगी का ‘स्लीपर सेल’ ध्वस्त: 60 केस से जुड़ा म्यूल नेटवर्क बेनकाब
देशभर में ठगी का जाल बिछाने वाला गिरोह पकड़ा, बिलासपुर पुलिस की बड़ी सफलता

बिलासपुर…साइबर अपराध के खिलाफ लगातार सख्ती बरत रही तारबाहर पुलिस ने एक बड़े “म्यूल अकाउंट सिंडिकेट” का भंडाफोड़ करते हुए अंबिकापुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों के खिलाफ देशभर में 60 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज पाई गई हैं, जिससे इस नेटवर्क की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मामले की शुरुआत 13 मई 2026 को हुई, जब पुलिस ने म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले आरोपी दीपेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया था। उसके मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी इनपुट के आधार पर अंबिकापुर निवासी नवनीत मिश्रा उर्फ विक्की पंडित, ऋषभ साहू और राजा घरानी की भूमिका सामने आई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने अंबिकापुर पहुंचकर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए बिलासपुर लाया। जांच में सामने आया कि आरोपी आपस में व्हाट्सएप और मोबाइल के जरिए बैंक खातों की जानकारी साझा करते थे और कमीशन के बदले इन्हें साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे।
तकनीकी विश्लेषण में यह भी सामने आया कि इन खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने, ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जा रहा था। इस तरह का नेटवर्क “स्लीपर सेल” की तरह काम करते हुए असली अपराधियों तक पहुंचने में बड़ी बाधा बनता है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन जप्त किए हैं, जिनकी गहन तकनीकी जांच जारी है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में नवनीत मिश्रा उर्फ विक्की पंडित, ऋषभ साहू और राजा घरानी शामिल हैं। तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस कप्तान का बयान
जिला पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि “साइबर अपराध के खिलाफ बिलासपुर पुलिस पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराना भी गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि वे किसी भी प्रकार से अपने बैंक खाते, एटीएम या डिजिटल जानकारी किसी को भी न दें, अन्यथा वे भी अपराध के दायरे में आ सकते हैं।





