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Chhattisgarh

पेंशनरों को महंगाई राहत से वंचित करना अन्यायपूर्ण — फेडरेशन, राज्य पुनर्गठन अधिनियम के नाम पर हो रहा आर्थिक नुकसान

रायपुर,।छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने राज्य के पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (डीआर) में हो रहे लगातार नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को ज्ञापन प्रेषित किया है।
फेडरेशन ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49(6) का हवाला देकर छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनरों को महंगाई राहत स्वीकृत करने में अनावश्यक विलंब किया जाता है, जिसके कारण उन्हें केंद्र सरकार एवं अन्य राज्यों के पेंशनरों की तुलना में कम दर पर डीआर प्राप्त हो रही है। इससे राज्य के हजारों पेंशनभोगियों को निरंतर आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा का कहना है कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम में मध्यप्रदेश शासन से सहमति प्राप्त करने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद इसी आधार पर निर्णय लंबित रखा जाना न्यायसंगत नहीं है। विशेष रूप से यह तथ्य उल्लेखनीय है कि राज्य गठन के दौरान बने अन्य राज्यों—उत्तराखंड तथा झारखंड—में पेंशनरों को महंगाई राहत स्वीकृत करने के लिए क्रमशः उत्तर प्रदेश और बिहार की सहमति नहीं ली जाती।
फेडरेशन ने कहा है कि यह व्यवस्था समानता के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है तथा वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि अन्य राज्यों में प्रचलित व्यवस्था के अनुरूप छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को भी केंद्र सरकार द्वारा घोषित दरों के अनुसार समय-समय पर महंगाई राहत स्वीकृत की जाए, ताकि पेंशनभोगियों को हो रही आर्थिक क्षति दूर हो सके।

Chief Editor

छत्तीसगढ़ के ऐसे पत्रकार, जिन्होने पत्रकारिता के सभी क्षेत्रों में काम किया 1984 में ग्रामीण क्षेत्र से संवाददाता के रूप में काम शुरू किया। 1986 में बिलासपुर के दैनिक लोकस्वर में उपसंपादक बन गए। 1987 से 2000 तक दिल्ली इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में बिलासपुर संभाग के संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं। 1991 में नवभारत बिलासपुर में उपसंपादक बने और 2003 तक सेवाएं दी। इस दौरान राजनैतिक विश्लेषण के साथ ही कई चुनावों में समीक्षा की।1991 में आकाशवाणी बिलासपुर में एनाउँसर-कम्पियर के रूप में सेवाएं दी और 2002 में दूरदर्शन के लिए स्थानीय साहित्यकारों के विशेष इंटरव्यू तैयार किए ।1996 में बीबीसी को भी समाचार के रूप में सहयोग किया। 2003 में सहारा समय रायपुर में सीनियर रिपोर्टर बने। 2005 में दैनिक हरिभूमि बिलासपुर संस्करण के स्थानीय संपादक बने। 2009 से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में बिलासपुर के स्थानीय न्यूज चैनल ग्रैण्ड के संपादक की जिम्मेदारी निभाते रहे । छत्तीसगढ़ और स्थानीय खबरों के लिए www.cgwall.com वेब पोर्टल शुरू किया। इस तरह अखबार, रेडियो , टीवी और अब वेबमीडिया में काम करते हुए मीडिया के सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।

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