पानी की हर शिकायत पर रोज होगी समीक्षा: निगम आयुक्त और CMO बनाए गए नोडल अधिकारी
सरकार का बड़ा अलर्ट: 7 दिन में सुधारो हैंडपंप-बोरवेल, नहीं तो होगी जवाबदेही तय

बिलासपुर… बढ़ती गर्मी और पेयजल संकट को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के सभी नगरीय निकायों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने साफ कहा है कि एक सप्ताह के भीतर सभी हैंडपंप, बोरवेल और जलप्रदाय प्रणालियों की जांच कर जरूरी मरम्मत पूरी की जाए। पाइपलाइन लीकेज, टूट-फूट और गंदे नालों से गुजर रही पाइपलाइन को भी तत्काल दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने हाल ही में समीक्षा बैठक में गर्मियों के दौरान लगातार और सुचारु पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद संचालनालय ने नगर निगम आयुक्तों और नगर पालिका-नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
विभाग ने उन वार्डों और बस्तियों को चिन्हित करने कहा है जहां गर्मी में जलस्तर नीचे चला जाता है और वहां वैकल्पिक माध्यमों से पानी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी निकायों में पेयजल संकट के समाधान के लिए आयुक्त और सीएमओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो रोजाना शिकायतों की समीक्षा करेंगे।
लीकेज, गंदे पानी और संक्रमण पर फोकस
नगरीय प्रशासन विभाग ने साफ कहा है कि पाइपलाइन में लीकेज या टूट-फूट को तत्काल सुधारा जाए। नालियों के बीच से गुजर रही पाइपलाइन और हाउस सर्विस कनेक्शन को शिफ्ट करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि दूषित पानी की सप्लाई रोकी जा सके।
हैंडपंपों और जल स्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर तथा सोडियम हाइपोक्लोराइड डालकर पानी को कीटाणुरहित करने के निर्देश दिए गए हैं। क्लोरीन स्तर की नियमित जांच, ओवरहेड टैंकों की सफाई और जल शोधन संयंत्रों के डिस-इन्फेक्शन पर भी जोर दिया गया है।
बस स्टैंड और बाजारों में खुलेंगे प्याऊ घर
विभाग ने सभी निकायों को बस स्टैंड, बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ घर शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ का सहयोग लेने की बात भी कही गई है। साथ ही पशुधन के लिए भी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी हुए हैं।
15 दिन में पूरी करनी होंगी जल योजनाएं
अमृत मिशन और 15वें वित्त आयोग के तहत चल रही जलप्रदाय योजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जो योजनाएं अंतिम चरण में हैं उन्हें अगले 15 दिनों में पूरा कर पानी सप्लाई शुरू करने को कहा गया है।
जल संरक्षण और जागरूकता अभियान
निकायों को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज पिट और जल संरक्षण के उपायों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। डोर-टू-डोर कचरा वाहन के जरिए भी पानी बचाने और जल संचयन का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। विभाग ने साफ किया है कि जल संकट और जलजनित बीमारियों की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग से तत्काल समन्वय कर कार्रवाई की जाए।





