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बालाजी गैस एजेंसी की मनमानी पर फूटा गुस्सा—तानाशाही वितरण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

“बालाजी गैस एजेंसी की कथित मनमानी अब भारी पड़ सकती है—एफआईआर से लाइसेंस निरस्तीकरण तक उठी मांग

बिलासपुर…शहर में घरेलू गैस वितरण को लेकर बालाजी गैस एजेंसी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। एजेंसी के बाहर मंगलवार को बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने हंगामा करते हुए सिलेंडर वितरण में गड़बड़ी और कथित कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन बार-बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, इसके बावजूद बालाजी गैस एजेंसी अपनी मनमानी से उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है।

ऑनलाइन बुकिंग एक के नाम, सिलेंडर दूसरे को!

उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी में ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान वास्तविक उपभोक्ता के नाम से होता है, लेकिन सिलेंडर किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिया जाता है। इससे जिन लोगों ने समय पर बुकिंग और भुगतान किया, वे घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।

लोगों का कहना है कि एजेंसी के बाहर कुछ चुनिंदा लोगों को सीधे सिलेंडर उपलब्ध करा दिए जाते हैं, जबकि आम उपभोक्ताओं को “स्टॉक खत्म” होने का बहाना देकर टाल दिया जाता है। इस कथित खेल को लेकर महिलाओं और बुजुर्गों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद मनमानी 

महत्वपूर्ण बात यह है कि हाल ही में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की थी। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि किसी भी उपभोक्ता को गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़े और शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी भी दी गई थी।

इसके बावजूद बालाजी गैस एजेंसी पर लगे आरोपों ने प्रशासनिक निर्देशों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़ित पहुंचे कलेक्टर कार्यालय

मामले से नाराज उपभोक्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी से मुलाकात कर पूरी स्थिति बताई। शिकायत सुनने के बाद अपर कलेक्टर ने तत्काल संबंधित विभाग को निर्देशित किया कि आम लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाए और मामले की गंभीरता से जांच की जाए।

उन्होंने साफ कहा कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को परेशान करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिकायत सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एफआईआर और लाइसेंस कार्रवाई की उठी मांग

उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो केवल नोटिस या चेतावनी पर्याप्त नहीं होगी। एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लाइसेंस निरस्त करने जैसी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी एजेंसी आम लोगों की जरूरतों के साथ खिलवाड़ न कर सके।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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