रेंज में ‘क्राइम क्लीन-अप’ का अल्टीमेटम— आईजी गर्ग की दो.. टूक 2 महीने में पुराने केस साफ करो, नहीं तो कुर्सी खतरे में
कोरबा में सबसे ज्यादा लंबित प्रकरण; रामगोपाल गर्ग की खरी खरी

बिलासपुर…पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। बैठक में कानून-व्यवस्था, लंबित प्रकरणों के निराकरण और जांच प्रक्रिया में सुधार पर चर्चा की गई।
बैठक में बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी, सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय, जांजगीर-चांपा की पुलिस अधीक्षक निवेदिता पॉल, कोरबा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा मरकाम और पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के उप पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा उपस्थित रहे।
752 लंबित प्रकरण, कोरबा आगे
रेंज में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(8) तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 193(9) के अंतर्गत कुल 752 प्रकरण लंबित हैं। इनमें कोरबा जिले में 222 और बिलासपुर में 145 प्रकरण लंबित हैं। पुलिस महानिरीक्षक ने निर्देश दिया कि वर्ष 2021 और उससे पूर्व के सभी प्रकरणों को आगामी दो माह में निराकृत किया जाए। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर शीघ्र अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने कहा गया।
संवेदनशील अपराधों की विशेष समीक्षा
बैठक में लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों की विशेष समीक्षा के निर्देश दिए गए। ऐसे प्रकरणों में शामिल आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
जांच प्रक्रिया में सुधार के निर्देश
अस्पताल से चिकित्सकीय विधिक प्रकरण प्राप्त होने की स्थिति में संबंधित थाना प्रभारी को 24 घंटे के भीतर घटना क्षेत्र के थाने को सूचित करने के निर्देश दिए गए। शव परीक्षण रिपोर्ट की प्रतीक्षा में जांच लंबित न रखने और पंचनामा तथा बयान की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने को कहा गया।
तकनीकी माध्यमों के उपयोग पर जोर
मादक पदार्थों से संबंधित मामलों में ‘मानस’ पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक सूचना का सत्यापन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित इकाइयों को दी गई। ‘सशक्त’ अनुप्रयोग में पुलिसिंग से जुड़ा आंकड़ा नियमित रूप से अद्यतन करने तथा ‘अनुभव’ अनुप्रयोग के माध्यम से जनता से स्वैच्छिक प्रतिक्रिया प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
रिपोर्टिंग और पालन पर फोकस
बैठक के अंत में पुलिस महानिरीक्षक ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और समयबद्ध प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा।





