आईपीएल के नाम पर देशभर में करोड़ों की सट्टेबाजी: राजधानी से चला खेल, मुंबई-उड़ीसा तक छापे—20 गिरफ्तार, पूरा सिंडिकेट ध्वस्त
3 स्टंप्स’ के नाम पर देशभर में फैला सट्टा साम्राज्य ध्वस्त: 20 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर…राजधानी रायपुर से संचालित हो रहे एक अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए बड़ा खुलासा किया है। क्राइम एवं साइबर यूनिट ने देश के कई राज्यों में एक साथ दबिश देकर कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया और तीन बड़े पैनल नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह पूरा ऑपरेशन पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला की मॉनिटरिंग में अंजाम तक पहुंचा।
छोटी सूचना से खुला करोड़ों के खेल का राज
13 अप्रैल 2026 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक व्यक्ति कार में बैठकर मोबाइल के जरिए आईपीएल सट्टा संचालित कर रहा है। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए टाटीबंध आमानाका निवासी मनदीप सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह ऑनलाइन सट्टा आईडी बनाने और सप्लाई करने का काम करता है। उसके पास से नगदी भी बरामद हुई।
नेटवर्क की परतें खुलीं, दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी
मनदीप सिंह से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने न्यू चंगोराभाठा निवासी कमलेश देवांगन को गिरफ्तार किया, जो सट्टे की रकम कलेक्शन का काम संभाल रहा था। पूछताछ में सामने आया कि मुंबई में हर्ष नागदेव अपने साथियों के साथ ‘बजरंग ग्रुप एप’ चला रहा था, जबकि दुर्ग के हरीश नायक और सन्नी देवांगन उड़ीसा के भवानीपटना में ‘रेड्डी पैनल’ ऑपरेट कर रहे थे।
मुंबई-उड़ीसा तक फैला सिंडिकेट, एक साथ दबिश
इन इनपुट्स के आधार पर रायपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने मुंबई महाराष्ट्र और भवानीपटना उड़ीसा में दबिश देकर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ के दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, महासमुंद, बालोद और रायपुर जिलों तक फैला हुआ था। आरोपी ‘3 स्टंप्स’, ‘बजरंग बुक’ और ‘रेड्डी बुक’ नामक पैनलों के जरिए ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे।
60 लाख का सामान जब्त, करोड़ों के लेन-देन
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 10 लैपटॉप, 87 मोबाइल फोन, 3 एलईडी टीवी, 72 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड, 3 चेकबुक, 1 पासबुक, 3 वाईफाई राउटर, 1 कार और सट्टे के हिसाब-किताब से जुड़ी 3 डायरी जब्त की। इसके अलावा 1 लाख 95 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि बैंक खातों में करोड़ों के लेन-देन के संकेत मिले हैं।
म्यूल अकाउंट से चलता था काला खेल
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अवैध लेन-देन के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ का इस्तेमाल करते थे। ये खाते किराये पर लेकर सट्टे की रकम को इधर-उधर घुमाया जाता था, जिससे असली ऑपरेटर तक पहुंचना मुश्किल हो सके। पुलिस अब इन खाताधारकों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी, कार्रवाई जारी
पूरे मामले की जांच डीसीपी पश्चिम संदीप पटेल के मार्गदर्शन, एडिशनल डीसीपी राहुल देव शर्मा के पर्यवेक्षण और एसीपी पुरानी बस्ती देवांश सिंह राठौर के नेतृत्व में की गई। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव कुमार शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले के निर्देश पर आईपीएल सीजन के दौरान सट्टा गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी (मुख्य):
मनदीप सिंह, कमलेश देवांगन, हर्ष नागदेव, धरम राज, फत्ते सिंह यादव, कुनाल भोई, शत्रुघन कोमरे, सुनील कोमरे, तुलसी दास उर्फ प्रिंस, शुभम शीतलानी, सुशील पासवान, खुमान साहू, गौरव राय, शुभम उईके, आकाश सागर, किशन कुमार, अभिषेक भारती, विनय कुमार, हरीश नायक उर्फ भोला, सन्नी देवांगन।
आगे की जांच जारी, बड़े नामों पर नजर
पुलिस ने थाना गंज में अपराध के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 और बीएनएस की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। बैंकिंग ट्रेल, मोबाइल डेटा और डिजिटल लेन-देन की गहन जांच के जरिए पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की तैयारी है।





