मोबाइल की चिंगारी से भड़की खून की साजिश: पत्नी-बेटी ने रचा कत्ल का खेल, हादसे का झूठ बेनकाब
पत्नी-बेटी ने मिलकर उतारा मौत के घाट, सच छिपाने रची झूठी कहानी

रायपुर…राजधानी रायपुर में एक सनसनीखेज हत्या मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने चौंकाने वाली सच्चाई सामने लाई है। जिस मौत को पहले हादसा बताकर दबाने की कोशिश की गई, वह दरअसल परिवार के भीतर ही रची गई साजिश निकली। मामले में मृतक की पत्नी, बेटी और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया है।
29 सितंबर 2025 को डीडीनगर थाना क्षेत्र निवासी वीरेन्द्र भारती गोस्वामी की संदिग्ध मौत की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले का रुख बदल दिया। डॉक्टरों ने मृतक के शरीर पर 17 गंभीर चोटों की पुष्टि की, जिससे साफ हो गया कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि निर्मम हत्या है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में डीसीपी पश्चिम संदीप पटेल, एडिशनल डीसीपी राहुल देव शर्मा और एसीपी देवांश सिंह राठौर की टीम ने मामले की गहन जांच की। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जब मृतक की पत्नी और बेटी से सख्ती से पूछताछ की गई, तो पूरा राज खुलकर सामने आ गया।
जांच में सामने आया कि 27 सितंबर की रात करीब 11 बजे मोबाइल देखने को लेकर घर में विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर पत्नी, बेटी और नाबालिग ने मिलकर घर में रखे लकड़ी के बैट और ईंट से मृतक के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। घर में फैले खून को साफ किया गया, वारदात में इस्तेमाल कपड़े और हथियार पास के नाले में फेंक दिए गए। इतना ही नहीं, परिवार के अन्य सदस्यों को गुमराह करने के लिए यह कहानी गढ़ी गई कि मृतक बाथरूम में गिरकर बेहोश हुआ है और इलाज के लिए भेजा गया है।
पुलिस ने इस मामले में थाना डीडीनगर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान मामला एक बार फिर घरेलू विवाद के खतरनाक अंजाम और रिश्तों के भीतर छिपी हिंसा की भयावह तस्वीर सामने लाता है।





