हंसपुर कांड: एसडीएम करूण डहरिया निलंबित..अवैध बॉक्साइट जांच के दौरान मौत,सरकार ने हटाया
करूण डहरिया 2019 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी

बलरामपुर..( पृथ्वी लाल केशरी).कुसमी क्षेत्र के हंसपुर गांव में अवैध बॉक्साइट परिवहन की सूचना पर पहुंची प्रशासनिक टीम की कार्रवाई ने बड़ा मोड़ ले लिया। जांच के दौरान तीन ग्रामीणों के साथ मारपीट का आरोप लगा और 62 वर्षीय राम उर्फ रामनरेश की मौत हो गई। मामले में एसडीएम कुसमी करूण डहरिया की गिरफ्तारी हुई और अब राज्य शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
घटनाक्रम की कड़ी
जिला प्रशासन को सूचना मिली कि हंसपुर में बॉक्साइट का अवैध परिवहन चल रहा है। टीम मौके पर पहुंची। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों के साथ मारपीट हुई। इसी मारपीट में रामनरेश की मौत हो गई। प्रतिवेदन के आधार पर थाना कोरंधा में अपराध दर्ज हुआ। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 103(1), 115(2), 3(5) के तहत मामला कायम किया और 16 फरवरी को करूण डहरिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
शासन की सख्त प्रतिक्रिया
सामान्य प्रशासन विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए डहरिया को निलंबित किया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय आयुक्त, सरगुजा संभाग अंबिकापुर तय किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
साइडलाइन: कितने चर्चित रहे करूण डहरिया?
करूण डहरिया 2019 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। गरियाबंद में जनपद पंचायत सीईओ रहते हुए वर्ष 2022 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने उन्हें 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा था। आरोप था कि बोरवेल खनन का बिल पास कराने के एवज में ठेकेदार से पैसे मांगे गए। शिकायत के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद उस समय भी निलंबन हुआ।
निलंबन के बाद उनकी पदस्थापना बलरामपुर जिले में हुई। अब हंसपुर कांड ने उनके कार्यकाल को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
हंसपुर की घटना प्रशासनिक कार्रवाई की सीमाओं और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जांच की दिशा और न्यायिक प्रक्रिया अब इस पूरे प्रकरण का सच सामने लाएगी।




