सरकारी जमीन बेचकर करोड़ों की ठगी, 8 महीने से फरार मास्टरमाइंड दबोचा गया
पुलिस ने जालसाजी का बड़ा खेल किया बेनकाब

बिलासपुर..सरकंडा थाना क्षेत्र में शासकीय भूमि को अपनी बताकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी नदीम अहमद पिछले आठ महीनों से फरार था और शासकीय घास भूमि को निजी जमीन बताकर अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी बिक्री कर रहा था। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अलग-अलग लोगों को जमीन बेचते हुए धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
मामले की शुरुआत 26 मई 2025 को हुई, जब कोरबा निवासी मोहम्मद आजम खान ने शिकायत दर्ज कराई कि उसने ग्राम खमतराई स्थित खसरा नंबर 559/1/थ/6 की 1500 वर्गफुट भूमि वर्ष 2022 में 18 लाख 75 हजार रुपये में खरीदी थी। बाद में नामांतरण के दौरान तहसील कार्यालय से पता चला कि संबंधित भूमि जंगल मद में दर्ज शासकीय भूमि है, जिसकी बिना कलेक्टर की अनुमति खरीदी-बिक्री संभव नहीं है। इस खुलासे के बाद धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।
इसी तरह गीतांजली सिटी फेस-2 निवासी कौशिल्या थवाईत और चिंगराजपारा निवासी संजय कुमार जायसवाल ने भी इसी तरह की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। अलग-अलग मामलों में सरकंडा थाना में धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही थी। विवेचना के दौरान आरोपी नदीम अहमद, श्रेयांश कौशिक और विश्वनाथ राय की तलाश की जा रही थी।
21 जनवरी को पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी नदीम अहमद अपने ठिकाने पर आया हुआ है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सरकंडा पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को उसके सकुनत से पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने शासकीय भूमि के फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी करना स्वीकार किया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।





