राज्य GST की ऐतिहासिक कार्रवाई: अवैध गुटखा कारोबार उजागर, ‘गुटखा किंग’ पर 317 करोड़ की मार
डिजिटल ट्रैकिंग में फंसी टैक्स चोरी: राज्य GST ने ‘गुटखा किंग’ पर ठोका 317 करोड़ का जुर्माना

दुर्ग… राज्य जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी और प्रतिबंधित उत्पादों के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की जांच में दुर्ग जिले के हाई-प्रोफाइल कारोबारी गुरमुख, जिसे कारोबारी हलकों में “गुटखा किंग” के नाम से जाना जाता है, पर 317 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना तय किया गया है। इस कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ के गुटखा कारोबार से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप की स्थिति है।
लाइसेंस एक, कारोबार दूसरा
जांच में सामने आया है कि कारोबारी ने मीठी सुपारी निर्माण के नाम पर वैध लाइसेंस प्राप्त किया था, लेकिन उसी लाइसेंस की आड़ में तंबाकू युक्त प्रतिबंधित गुटखा का निर्माण और आपूर्ति की जा रही थी। यह न सिर्फ जीएसटी कानूनों का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े नियमों की भी खुली अनदेखी मानी जा रही है।
रात में उत्पादन, दिन में भ्रम
राज्य जीएसटी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अवैध गतिविधियों को छिपाने के लिए पूरा तंत्र सुनियोजित तरीके से संचालित किया गया। गुटखा निर्माण का कार्य अधिकतर देर रात में किया जाता था। कच्चा माल और पैकिंग यूनिट अलग-अलग स्थानों पर संचालित की जा रही थीं
श्रमिकों की आपूर्ति एक निजी नेटवर्क के माध्यम से की जाती थी, जिससे आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार न हो सके
इन हथकंडों के जरिए लंबे समय तक टैक्स चोरी को अंजाम दिया गया।
जुलाई 2025 की दबिश से खुली परतें
राज्य जीएसटी विभाग और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जुलाई 2025 में गनियारी क्षेत्र स्थित फैक्ट्री पर छापा मारकर जांच की थी। इसके बाद पिछले पांच वर्षों के कारोबारी रिकॉर्ड, डिजिटल लेन-देन और सप्लाई चेन का गहन विश्लेषण किया गया। जांच में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और नियम उल्लंघन के ठोस प्रमाण मिलने के बाद विभाग ने यह रिकॉर्ड जुर्माना निर्धारित किया।
बिलासपुर की फैक्ट्री पर भी नजर
इस कार्रवाई को राज्य जीएसटी की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में गिना जा रहा है। फिलहाल विभाग कानूनी प्रक्रिया के तहत जुर्माने की वसूली की तैयारी में जुटा हुआ है। इसी बीच सूत्रों के हवाले से यह भी संकेत मिल रहे हैं कि बिलासपुर में स्थित एक चर्चित गुटखा फैक्ट्री को लेकर जांच एजेंसियों की निगाहें टिकी हुई हैं, जहां इसी तरह के पैटर्न पर अवैध गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है।




