8th Pay Commission- क्या 2026 में दोगुनी हो जाएगी सैलरी? फिटमेंट फैक्टर और तारीख पर सरकार ने संसद में साफ की तस्वीर
8th Pay Commission: सातवें वेतन आयोग का 10 साल का टाइम पीरियड इसी महीने खत्म हो रहा है। तो क्या 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा? अब केंद्र सरकार ने इस पर ये बात कही है..

8th Pay Commission/दिल्ली। देश भर के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों के लिए दिसंबर का यह महीना बेहद अहम है।
सातवें वेतन आयोग का 10 साल का कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो रहा है, जिसके बाद सबकी निगाहें अब 8वें वेतन आयोग और 1 जनवरी 2026 की तारीख पर टिकी हैं। हालांकि, क्या नए साल की पहली सुबह से बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा? इस सवाल पर केंद्र सरकार की ओर से संसद में जो जवाब दिया गया है, वह मिले-जुले संकेत दे रहा है। एक तरफ जहां बंपर सैलरी बढ़ने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ लागू होने की तारीख को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
8th Pay Commission/लोकसभा में एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि 8वें वेतन आयोग के लिए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) 3 नवंबर 2025 को नोटिफाई किए जा चुके हैं। नियम के मुताबिक, आयोग को अपने गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
मंत्री ने साफ किया कि आयोग की सिफारिशों को लागू करने की तारीख और इसके लिए फंड का फैसला बाद में लिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि जो कर्मचारी यह उम्मीद लगाए बैठे थे कि 1 जनवरी 2026 से ही नया वेतन ढांचा अपने आप लागू हो जाएगा, उन्हें अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।
8th Pay Commission/कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया में अभी 2 साल तक का वक्त लग सकता है।
सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगा दिया है।
वित्त राज्य मंत्री ने क्या कहा?8th Pay Commission
वित्त राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल डीए या महंगाई राहत (DR) को बेसिक सैलरी में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 55 फीसदी डीए मिल रहा है, जिसे महंगाई से मुकाबले के लिए समय-समय पर रिवाइज किया जाता है।
वहीं, कर्मचारी संगठनों ने इस बात पर थोड़ी नाराजगी जताई है कि जारी किए गए टर्म्स ऑफ रेफरेंस में पेंशनर्स का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जबकि पिछले आयोगों में यह साफ होता था। देरी का एक कारण यह भी है कि जनवरी 2025 में आयोग की घोषणा के बाद इसके ढांचे को तैयार करने में ही करीब 9 महीने लग गए।
इन तमाम तकनीकी पेंचों के बीच कर्मचारियों के लिए राहत की खबर फिटमेंट फैक्टर के मोर्चे पर है। जानकारों और एंबिट कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रहने का अनुमान है।
अगर सरकार इस पर मुहर लगाती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आएगा। अभी जो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, वह बढ़कर 32,940 रुपये से लेकर 44,280 रुपये तक पहुंच सकती है। यानी बेसिक सैलरी में लगभग दोगुने तक की बढ़ोतरी संभव है, जो महंगाई के दौर में कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।8th Pay Commission




