पेयजल पर अब वैज्ञानिकों का होगा पहरा: प्रयोगशालाओं को मिली नई ताकत”
“शुद्ध पानी, सख्त निगरानी: सरकार ने जल गुणवत्ता तंत्र में भरी नई ऊर्जा”

नवा रायपुर/बिलासपुर… पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने सीधा संदेश दिया है—अब निगरानी और सख्त होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में केमिस्ट पद पर चयनित 10 युवाओं को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नियुक्ति पत्र सौंपे। विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विभागीय सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी भी मौजूद रहे।
जल गुणवत्ता पर फोकस, लैब होंगी मजबूत
अरुण साव ने कहा, केमिस्टों की संख्या बढ़ने से जल परीक्षण प्रयोगशालाएं सुदृढ़ होंगी और मैदानी स्तर पर पानी की गुणवत्ता जांच में तेजी आएगी। शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन बढ़ने से विभाग की क्षमता मजबूत होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जल गुणवत्ता की निगरानी में किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक और परिणाममुखी बनाया जाएगा, ताकि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी असर दिखे।
पारदर्शी भर्ती का संदेश
उप मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बताते हुए कहा कि इससे युवाओं में भरोसा बढ़ा है। मेहनत और योग्यता का सम्मान हुआ है। उन्होंने नवनियुक्त केमिस्टों से अपेक्षा जताई कि वे अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ जिम्मेदारी निभाएं।
12 पद स्वीकृत, 11 चयनित
प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी ने बताया कि विभाग में स्वीकृत 12 पदों पर व्यापम के माध्यम से चयन प्रक्रिया पूरी हुई। दस्तावेज परीक्षण में 11 अभ्यर्थी पात्र पाए गए, जबकि एक अनुपस्थित रहा। चयनित अभ्यर्थियों में 2 महिलाएं और 9 पुरुष शामिल हैं।
पेयजल को लेकर यह नियुक्ति सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि उस तंत्र को मजबूत करने की कोशिश है, जो हर घर तक सुरक्षित पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालता है।





