सम्मान और सरोकार की मिसाल बना सियान चेतना: बुजुर्ग बोले—अब हम अकेले नहीं

बिलासपुर….बुजुर्गों की गरिमा और सुरक्षा को केंद्र में रखकर चलाया जा रहा ‘सियान चेतना अभियान’ अब सामाजिक जागरूकता की एक सशक्त मिसाल बनता जा रहा है। बुधवार को रतनपुर के भीम चौक स्थित आत्मानंद कन्या विद्यालय में इस अभिनव पहल का सातवां चरण संपन्न हुआ, जिसमें दर्जनों वरिष्ठ नागरिकों का शाल और श्रीफल भेंट कर सार्वजनिक सम्मान किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा ने बेहद भावुक शब्दों में कहा—
“यह सिर्फ अभियान नहीं, हमारी मानवीय और नैतिक जिम्मेदारी है। हमारे बुजुर्गों ने जीवन भर समाज को दिशा दी है, अब समाज की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें सम्मान और सुरक्षा दे।”
“अनुभव की पूंजी को सम्मान देना हमारा कर्तव्य”
वरिष्ठ नागरिकों के साथ सीधा संवाद करते हुए पुलिस अधिकारियों ने न सिर्फ उनकी समस्याएं सुनीं, बल्कि आश्वासन दिया कि अब पुलिस उनसे लगातार संपर्क में रहेगी। बुजुर्गों के लिए हेल्पलाइन, थाना स्तर पर रेगुलर विज़िट और त्वरित सहायता जैसे उपाय इस अभियान का हिस्सा हैं।
समाज के स्तंभों को मिला सम्मान
गरिमामयी आयोजन में छत्तीसगढ़ वरिष्ठ नागरिक कांफ्रेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश देवरस ने अभियान की सराहना करते हुए कहा—
“बुजुर्गों की उपेक्षा किसी भी समाज के पतन का संकेत होती है। सियान चेतना अभियान राज्यभर में प्रेरणा का केंद्र बन सकता है। हमें इसे सिर्फ पुलिस की पहल नहीं, समाज के जागरूकता आंदोलन के रूप में देखना चाहिए।”
कई गणमान्य रहे उपस्थित
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष, थाना प्रभारी श्री नरेश कुमार चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और लगभग 100 से अधिक वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में ‘सियान चेतना’ को संवेदनशील पुलिसिंग का नायाब उदाहरण बताया।