8th Pay Commission- कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले लेकिन सरकार की बढ़ी धड़कनें, खजाने पर पड़ेगा 9 लाख करोड़ का बोझ
8वां वेतन आयोग मंजूर होने के बाद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स में नई उम्मीद जागी है. वेतन और पेंशन बढ़ोतरी की संभावना से खुशी तो है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इसकी कीमत सरकार को भारी आर्थिक बोझ के रूप में चुकानी पड़ सकती है.

8th Pay Commission/दिल्ली। केंद्र सरकार के करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक तरफ जहां खुशी की खबर है, वहीं दूसरी तरफ सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के टर्म ऑफ रेफरेंस (TOR) को मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद वेतन, भत्ते और पेंशन में बदलाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू होने जा रही है।
8th Pay Commission/इस मंजूरी ने सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं, लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आयोग की सिफारिशें लागू होते ही सरकारी खजाने पर ऐसा बोझ पड़ेगा जो आने वाले वर्षों की आर्थिक योजनाओं को हिलाकर रख सकता है।
सरकार द्वारा आयोग के गठन के बाद अब विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू किया जा रहा है। यह प्रक्रिया लंबी और जटिल होगी, जिसमें कई दौर की बैठकों और आंकड़ों की गहन समीक्षा की जाएगी। रिपोर्ट तैयार होने के बाद मंत्रियों का एक समूह इसकी जांच करेगा और फिर अंतिम निर्णय के लिए इसे सरकार के पास भेजा जाएगा।
8th Pay Commission/जानकारों का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया में लगभग दो से तीन साल का समय लग सकता है, इसलिए कर्मचारियों को तत्काल वेतन वृद्धि की उम्मीद के बजाय थोड़ा धैर्य रखना होगा। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती वित्तीय प्रबंधन की है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होते ही सरकार के पब्लिक फाइनेंस पर भारी असर पड़ेगा।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, आयोग की सिफारिशें लागू होने पर वेतन और पेंशन का कुल भुगतान 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच सकता है।
8th Pay Commission/यदि इसमें पिछला कुछ बकाया भी जोड़ दिया जाए, तो यह राशि लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के विशाल आंकड़े को छू सकती है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब भारत 2027 से अपने डेट-जीडीपी ट्रेजरी नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है। नीलकंठ मिश्रा का कहना है कि भले ही अभी महंगाई कम होने से अर्थव्यवस्था में थोड़ा स्पेस है, लेकिन वेतन आयोग की भारी लागत इस स्पेस को खत्म कर देगी, जिससे सरकार के पास विकास कार्यों और अन्य योजनाओं के लिए खर्च करने की गुंजाइश बेहद सीमित हो जाएगी। सरकार को आने वाले बजट में बहुत संभलकर कदम उठाने होंगे।
इन सब के बीच देश के 69 लाख से अधिक पेंशनर्स के लिए एक बड़ी राहत की खबर भी सामने आई है। जब शुरुआत में टर्म ऑफ रेफरेंस जारी किया गया था, तो उसमें पेंशन संशोधन का स्पष्ट उल्लेख न होने से भ्रम की स्थिति बन गई थी।
8th Pay Commission/ आशंका जताई जा रही थी कि कहीं पेंशन को आयोग के दायरे से बाहर न रखा जाए। लेकिन अब सरकार ने राज्यसभा में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है कि 8वां वेतन आयोग वेतन और भत्तों के साथ-साथ पेंशन पर भी अपनी सिफारिशें देगा।




