सूरजपुर /छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से बैंक डकैती की एक बड़ी साजिश को नाकाम करने और आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने की खबर सामने आई है। जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुमदा स्थित छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में सेंधमारी कर चोरी का प्रयास करने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा है।

पकड़ा गया आरोपी न केवल बैंक की तिजोरी तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था, बल्कि उसने क्षेत्र में एक अन्य बड़ी चोरी की वारदात को भी अंजाम दिया था। पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र के व्यापारियों और बैंकिंग संस्थानों ने राहत की सांस ली है।

घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, कुमदा के प्रबंधक धीरेंद्र मौर्य ने 5 मार्च को बिश्रामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, 3 मार्च की शाम को बैंक बंद होने के बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने बैंक के पीछे की दीवार में बड़ा छेद (सेंध) कर अंदर प्रवेश किया। शातिर चोर ने पहचान छिपाने के लिए सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों के तार काट दिए और फिर तिजोरी का हैंडल तोड़कर उसे खोलने का कड़ा प्रयास किया।

हालांकि, वह तिजोरी खोलने में नाकाम रहा, जिससे बैंक में रखी बड़ी नकदी सुरक्षित बच गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रकाश राठौर के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। पुलिस ने बैंक के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।

सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने कुमदा कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय राजेंद्र चतुर्वेदी को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ने बैंक में चोरी के प्रयास की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ जब आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कुछ दिन पहले कुमदा कॉलोनी स्थित नरेश कुमार बुढ़िया के गैराज से एक लाख रुपये से अधिक का सामान भी चोरी किया था।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर गैराज से चोरी किया गया सामान और बैंक में सेंधमारी के लिए उपयोग किए गए औजार बरामद कर लिए हैं। आरोपी राजेंद्र चतुर्वेदी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक विशाल मिश्रा, गुड्डू कुशवाहा, नवीन सिंह, जेपी मिश्रा, सोहर लाल, अखिलेश पांडेय और कुंदन सिंह सहित पूरी पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही।