Cg news।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सूने मकानों को निशाना बनाकर दिनदहाड़े चोरी करने वाले कथित अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है।

एसीसीयू और बिलासपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी घरों की रेकी करने के बाद ताले तोड़कर नकदी और जेवरात चोरी करते थे। पूछताछ में बिलासपुर जिले की नौ और कोरबा जिले की एक वारदात समेत कुल 10 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य उस समय सूने मकानों को निशाना बनाते थे, जब लोग खेतों या दूसरे कामों से घर से बाहर जाते थे।

कोटा, रतनपुर, बेलगहना, बिल्हा और पचपेड़ी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दिन के समय रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात सामने आई है। आरोपियों के चोरी करने के तरीके को लेकर दावा किया गया है कि वे बेहद कम समय में घरों के ताले तोड़कर अंदर रखे सामान पर हाथ साफ कर देते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद कुमार वासुदेव, भूपेंद्र सिंह राठौर और राज प्रजापति के रूप में हुई है। तीनों कोरबा के मानिकपुर स्थित डिपरपारा के निवासी बताए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में भूपेंद्र सिंह राठौर को लेकर पुलिस की जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि वह पहले कोरबा के नर्मदा देवी हाईस्कूल में प्रिंसिपल के पद पर काम कर चुका है और बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाता था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से करीब छह लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण, एक लाख 30 हजार रुपये नकद और गुल्लक से मिले 1,250 रुपये के सिक्के बरामद किए गए हैं।

इसके अलावा एक क्रेटा कार, बुलेट मोटरसाइकिल और होंडा एसपी मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस को संदेह है कि चोरी की रकम से महंगी गाड़ियां खरीदी गई थीं।

बताया गया है कि क्रेटा कार की कीमत करीब 10 लाख रुपये, बुलेट की कीमत डेढ़ लाख रुपये और होंडा एसपी मोटरसाइकिल की कीमत करीब एक लाख रुपये है।

पूछताछ के दौरान आरोपियों के खिलाफ जांजगीर जिले में पहले से 19 मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इन मामलों और जब्त संपत्ति से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर की जानी होगी।