हाईकोर्ट का कड़ा फरमान : जब्त 18 कारें बिना अनुमति रिहा नहीं होंगी..मुख्य सचिव को देना होगा हलफनामा

बिलासपुर… छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मस्तूरी क्षेत्र में पुलिस द्वारा जब्त की गई 18 कारों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि इन वाहनों को न्यायालय की अनुमति के बिना किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा।
न्यायालय ने टिप्पणी की कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई महज़ दिखावे तक सीमित प्रतीत हो रही है। इस पर उच्च न्यायालय ने अपराधियों के विरुद्ध वास्तविक और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव को निर्देशित किया है कि वे अगली सुनवाई की तिथि पर एक हलफनामा प्रस्तुत करें और यह बताएं कि अपराधियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ठोस कानूनी कार्रवाई अनिवार्य है।
मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर 2025 को निर्धारित की गई है। राज्य अधिवक्ता को आदेश की प्रति तत्काल छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव, रायपुर को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।





