Teacher suspend,स्कूल में बाइबल बांटने और अनुशासनहीनता पर व्याख्याता सस्पेंड, कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के बाद DPI का कड़ा एक्शन
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में शिक्षा जगत से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। शासकीय स्कूल के एक व्याख्याता को छात्रों के बीच धार्मिक पुस्तकें बांटने और लगातार अनुशासनहीनता बरतने के गंभीर आरोपों में निलंबित कर दिया गया है।

Teacher suspend।जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई में पदस्थ व्याख्याता दीपक तिग्गा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा प्रस्तुत उस जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है, जिसमें शिक्षक पर धार्मिक प्रचार और पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही के चौंकाने वाले आरोप लगाए गए थे।
जांच का सबसे गंभीर पहलू कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को बाइबल की छोटी पुस्तकें बांटना रहा। रिपोर्ट के अनुसार, व्याख्याता दीपक तिग्गा ने विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को धार्मिक सामग्री वितरित की, जिसे प्रशासन ने सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का स्पष्ट उल्लंघन माना है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब विद्यार्थियों ने इसकी शिकायत प्राचार्य से की।
कलेक्टर के प्रतिवेदन में निलंबन के पीछे केवल धार्मिक मामला ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रशासनिक खामियां भी गिनाई गई हैं:
- बिना सूचना गायब रहना: व्याख्याता अक्सर विद्यालयीन समय में बिना किसी पूर्व सूचना या अवकाश आवेदन के अनुपस्थित पाए गए।
- टीचर डायरी और पाठ्यक्रम: शिक्षक दैनंदिनी तैयार न करना और निर्धारित समय पर पाठ्यक्रम पूरा न करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका था।
- असहयोगात्मक रवैया: प्राचार्य द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के बजाय उन्होंने उसे प्राप्त करने से ही इनकार कर दिया, जिसे प्रशासन ने ‘स्वेच्छाचारिता’ माना।
कलेक्टर की रिपोर्ट पर त्वरित संज्ञान लेते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने निलंबन आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, दीपक तिग्गा को तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त कर दिया गया है।
निलंबन की अवधि के दौरान दीपक तिग्गा का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय, जशपुर नियत किया गया है। उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।





