Sukma Naxal Encounter-कोंटा एरिया कमिटी सचिव मंगड़ू समेत 12 नक्सली ढेर
छत्तीसगढ़ में DRG जवानों को बड़ी सफलता मिली है. सुकमा जिले में सुरक्षाबलों के जवानों ने मुठभेड़ में कोंटा एरिया कमिटी सचिव मंगड़ू समेत 12 नक्सलियों को ढेर कर दिया है.

Sukma Naxal Encounter/सुकमा/बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने अब तक के सबसे बड़े अभियानों में से एक को अंजाम दिया है।
शनिवार को सुकमा और बीजापुर जिलों में हुई अलग-अलग मुठभेड़ों में जवानों ने कुल 14 नक्सलियों को मार गिराया है। सबसे बड़ी सफलता सुकमा जिले के किस्टाराम इलाके में मिली है, जहां जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के जवानों ने एक भीषण मुठभेड़ में 12 नक्सलियों को ढेर कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई में नक्सलियों की कोंटा एरिया कमेटी के सचिव वेट्टी मुका उर्फ मंगड़ू के भी मारे जाने की खबर है, जो संगठन का एक बेहद प्रभावशाली और खतरनाक चेहरा माना जाता था।
सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण इस पूरे ऑपरेशन की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को किस्टाराम और कोंटा के सीमावर्ती जंगलों में भारी संख्या में सशस्त्र नक्सलियों की मौजूदगी का इनपुट मिला था।
इसी सूचना के आधार पर डीआरजी की टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। जैसे ही जवान नक्सलियों के करीब पहुंचे, दोनों ओर से भीषण गोलाबारी शुरू हो गई। मुठभेड़ के बाद जब जवानों ने इलाके की तलाशी ली, तो वहां से 12 नक्सलियों के शव बरामद हुए। मारे गए नक्सलियों के पास से एके-47 और इंसास जैसे आधुनिक ऑटोमैटिक हथियार भी मिले हैं।
इस मुठभेड़ में मारा गया वेट्टी मुका उर्फ मंगड़ू सुकमा जिले का ही रहने वाला था और वह न केवल एके-47 जैसे हथियारों से लैस था, बल्कि तकनीक का भी माहिर खिलाड़ी था। जवानों ने उसके पास से टैबलेट, सोलर प्लेट, बैटरी, स्मार्टफोन, वॉकी-टॉकी और रेडियो जैसे आधुनिक उपकरण बरामद किए हैं।
मंगड़ू की मौत को नक्सली संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह कोंटा इलाके में संगठन की रणनीतियों का मुख्य सूत्रधार था। फिलहाल इलाके में जवानों का सर्च ऑपरेशन जारी है और रुक-रुककर फायरिंग की आवाजें आ रही हैं।
दूसरी तरफ, बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में भी शनिवार तड़के सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। सशस्त्र नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर डीआरजी की टीम शनिवार सुबह करीब 5 बजे सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। जंगलों में छिपे नक्सलियों ने जवानों को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में जवानों ने डटकर मुकाबला किया और 2 नक्सलियों को मार गिराया। बीजापुर में मारे गए दोनों नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं और वहां भी अतिरिक्त बल भेजकर इलाके की सघन जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के इन दो जिलों में एक साथ मिली इस बड़ी सफलता ने नक्सल संगठन की कमर तोड़ दी है। बस्तर क्षेत्र में लगातार चलाए जा रहे ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसे ऑपरेशनों से नक्सली अब अपने गढ़ में ही असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सुरक्षाबलों का कहना है कि मानसून से पहले नक्सलियों के रणनीतिक ठिकानों को ध्वस्त करना उनकी प्राथमिकता है।





