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Raipur Rehab Center- नशा मुक्ति केंद्र या टॉर्चर सेल? रायपुर में आदिवासी युवक की पाइप से बेरहमी से पिटाई, पीठ की उधड़ गई चमड़ी, आरोपी पर FIR दर्ज

पंडरी मोवा स्थित 'साहस नशा मुक्ति केंद्र' में भर्ती एक युवक को केंद्र संचालिका के बेटे ने पाइप से इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी पीठ और गर्दन की चमड़ी तक छिल गई। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। पीड़ित युवक की मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि अब उसका इलाज विशाखापट्टनम के एक अस्पताल में चल रहा है।

Raipur Rehab Center/छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां नशे की लत छुड़ाने के नाम पर एक आदिवासी युवक को मौत के मुहाने पर धकेल दिया गया।

पंडरी मोवा स्थित ‘साहस नशा मुक्ति केंद्र’ में भर्ती एक युवक को केंद्र संचालिका के बेटे ने पाइप से इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी पीठ और गर्दन की चमड़ी तक छिल गई। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। पीड़ित युवक की मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि अब उसका इलाज विशाखापट्टनम के एक अस्पताल में चल रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, ओडिशा के उमरकोट निवासी अंकुर मांझी को उसके माता-पिता ने बेहतर भविष्य और नशे की लत से छुटकारा दिलाने की उम्मीद में सितंबर-अक्टूबर में रायपुर के इस केंद्र में भर्ती कराया था।

परिजनों का आरोप है कि वहां इलाज के नाम पर ‘टॉर्चर सेल’ चलाया जा रहा था। जब फरवरी में अंकुर वापस घर लौटा, तो उसकी हालत देखकर माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। युवक के शरीर पर गहरे जख्म के निशान थे और वह बुरी तरह डरा-सहमा हुआ था। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि अत्यधिक मारपीट और प्रताड़ना के कारण युवक मानसिक रूप से बीमार हो गया है।

पीड़ित अंकुर ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि केंद्र संचालिका के बेटे अनिकेश शर्मा ने उसे छोटी-छोटी बातों पर पाइप से पीटा और भद्दी-भद्दी गालियां दीं। परिजनों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि जब वे अपने बेटे से मिलने केंद्र जाते थे, तो उन्हें मिलने नहीं दिया जाता था और उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया जाता था।

वायरल वीडियो में आरोपी का हिंसक व्यवहार साफ तौर पर देखा जा सकता है, जो नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पंडरी थाना पुलिस ने आरोपी अनिकेश शर्मा के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया है कि दूसरों का नशा छुड़ाने का दावा करने वाले केंद्र की संचालिका का बेटा अनिकेश खुद नशे की लत का शिकार है और वर्तमान में टाटीबंध स्थित एक अन्य नशा मुक्ति केंद्र में अपना इलाज करा रहा है। पुलिस ने ‘साहस नशा मुक्ति केंद्र’ के संचालन से जुड़े तमाम वैध दस्तावेज भी मांगे हैं।

थाना प्रभारी स्वराज त्रिपाठी के मुताबिक, आरोपी की रिपोर्ट मंगवाई गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना उन परिवारों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अपने बच्चों को सुधारने के भरोसे ऐसे केंद्रों में भेजते हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस केंद्र में अन्य मरीजों के साथ भी इसी तरह का अमानवीय व्यवहार किया जाता था।

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