बिलासपुर.. जनदर्शन में आज प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद दिखा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शहर से लेकर गांव तक पहुंचे सैकड़ों आवेदकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और अधिकांश मामलों में संबंधित अधिकारियों को तुरंत परीक्षण कर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

तखतपुर विकासखंड के ग्राम चनाडोंगरी की गंगोत्री बाई ने चार दशक पहले घोंघा जलाशय में डूब क्षेत्र में गई अपनी 20 डिसमिल भूमि का मुआवजा नहीं मिलने की पीड़ा रखी। कलेक्टर ने प्रकरण जल संसाधन विभाग को सौंपकर परीक्षण के निर्देश दिए। ग्राम पत्थर्रा की सरपंच ज्योति गोस्वामी ने जर्जर मिडिल स्कूल भवन के स्थान पर नए भवन की मांग रखी, जिस पर जिला पंचायत को जांच कर आवश्यक कदम उठाने कहा गया।

बिल्हा के ग्राम मदनपुर की श्रमिक सरिता बाई ने मनरेगा के 15 दिनों की बकाया मजदूरी की शिकायत की। कलेक्टर ने भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मस्तूरी के सुकुलकारी ग्राम में रोजगार सहायक द्वारा सरकारी राशि से निजी भूमि पर बोर खनन कराने की शिकायत पर भी जांच के आदेश दिए गए।

गढ़ कलेवा संचालन करने वाले महिला समूह ने भोजन पैकेट का लंबित भुगतान उठाया। हरदी कला के किसान मुरली प्रसाद साहू ने गरमी फसल के लिए खाद नहीं मिलने की बात रखी। कलेक्टर ने सहकारिता विभाग को तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा।

मस्तूरी निवासी लक्ष्मीबाई ने पति के निधन के बाद आवंटित होने वाली भूमि न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। ढेका बाईपास सड़क निर्माण से प्रभावित किसानों ने फसल क्षति का मुआवजा मांगा। दोनों मामलों में संबंधित एसडीएम को जांच के निर्देश दिए गए।

जनदर्शन में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता है और प्रत्येक आवेदन पर तय समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।