कर्तव्य की कीमत, परिवार को संबल: दिवंगत निरीक्षक रामसाय पैकरा की पत्नी को मिला 1 करोड़
निःशुल्क पुलिस सैलरी पैकेज बना परिवार का सहारा

अंबिकापुर (पृथ्वी लाल केशरी)…छत्तीसगढ़ शासन की निःशुल्क पुलिस सैलरी पैकेज योजना के तहत भारतीय स्टेट बैंक ने जिला जशपुर के दिवंगत निरीक्षक रामसाय पैकरा की नामिनी पत्नी मुनेश्वरी पैकरा को 1 करोड़ रुपये का जीवन बीमा लाभ प्रदान किया। यह राशि उनके असामयिक निधन के उपरांत योजना के प्रावधानों के अनुसार स्वीकृत की गई।
रामसाय पैकरा सरगुजा रेंज अंतर्गत जशपुर जिले में थाना प्रभारी नारायणपुर के पद पर पदस्थ थे। वे पुलिस मुख्यालय द्वारा चंदखुरी में आयोजित सात दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स में शामिल होकर लौटे थे। 27 जुलाई 2025 को अपने गृह ग्राम सुरगांव (सीतापुर) में बिजली करंट की चपेट में आने से उनका निधन हो गया। सेवानिवृत्ति से लगभग छह माह पूर्व हुई यह घटना विभाग और परिवार के लिए गहरा आघात थी।
चार दशक की सेवा यात्रा
रामसाय पैकरा ने 1 जून 1983 को मध्यप्रदेश के खरगोना जिले में आरक्षक के रूप में सेवा प्रारंभ की थी। वर्ष 1995 में प्रधान आरक्षक, 2004 में सहायक उप निरीक्षक, 2009 में उप निरीक्षक और 2014 में निरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों में सेवाएँ दीं और वर्ष 2022 से जशपुर जिले में पदस्थ थे। विभाग में वे सरल, व्यवहारकुशल और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में पहचाने जाते थे।
योजना का उद्देश्य और प्रावधान
छत्तीसगढ़ शासन और भारतीय स्टेट बैंक के बीच हुए एमओयू के तहत संचालित निःशुल्क पुलिस सैलरी पैकेज योजना पुलिसकर्मियों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत जिन पुलिसकर्मियों के वेतन खाते एसबीआई में संचालित हैं, उन्हें दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में 1 करोड़ रुपये तथा सामान्य मृत्यु की स्थिति में 10 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्रदान करने का प्रावधान है।
1 करोड़ बीमा राशि का वितरण
अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में एसबीआई के उप महाप्रबंधक आलोक रंजन, क्षेत्रीय प्रबंधक अविनाश पाणिग्रही, मुख्य प्रबंधक शिरीष गीर तथा क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य प्रबंधक चंदन राठौर ने बीमा सहायता का चेक परिवार को सौंपा।
इस अवसर पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा ने बैंक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसी योजनाएँ पुलिस परिवारों को सुरक्षा का भरोसा देती हैं। साथ ही लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और पात्र नामिनी को समयबद्ध सहायता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
विभागीय उत्तरदायित्व का प्रतीक
यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि पुलिस विभाग और शासन की ओर से अपने कर्मियों के प्रति उत्तरदायित्व और संवेदना का प्रतीक मानी जा रही है। सेवा के दौरान जोखिम उठाने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों को सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना इस योजना का मूल उद्देश्य है।





