जनसेवा या दादागिरी? दंतेवाड़ा में जिला पंचायत उपाध्यक्ष पर पुलिस ने दर्ज किया अपराध
सत्ता का हंगामा सड़क पर: भाजपा नेता पर शासकीय कर्मचारियों से अभद्रता का केस दर्ज

दंतेवाड़ा… जिले में एक बार फिर जनप्रतिनिधि की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। भाजपा नेता और जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम के खिलाफ भांसी थाना में शासकीय कार्य में बाधा डालने, शासकीय कर्मचारियों से अभद्रता और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
मामला सातधार चौक के पास का बताया जा रहा है, जहां सड़क पर ट्रक रोककर हुए विवाद ने कुछ ही देर में यातायात व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
इसी दौरान सुकमा जिले से शासकीय कार्य से दंतेवाड़ा आ रही पुलिस विभाग की एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। टीम में महिला कर्मचारी, दो वैज्ञानिक अधिकारी, एक कांस्टेबल और वाहन चालक शामिल थे। जाम के चलते वाहन चालक ने पहले हॉर्न बजाकर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन जब मार्ग नहीं खुला तो सायरन बजाया गया।
आरोप है कि सायरन बजने पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम और उनके साथ मौजूद लोग भड़क गए। उन्होंने सरकारी वाहन को रोककर एफएसएल टीम से बहस की और शासकीय कार्य में सीधा हस्तक्षेप किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर शासकीय कार्य में बाधा और शासकीय कर्मचारियों से अभद्रता की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखने की होती है या सड़क पर शक्ति प्रदर्शन करने की।





