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मस्तूरी क्षेत्र के 32 ग्राम वासियों को अधिकारियों ने बताया….मोर गंगा,मोर पानी का मतलब…सभी ने लिया संकल्प…कहा..एक एक बूंद की करेंगे इज्जत
ग्रामीणों ने पानी की हर बूंद बचाने, और हरित क्रांति लाने लिया संकल्प

बिलासपुर—-जिला प्रशासन के विशेष पहल पर जल की उपयोगिता और महत्व की जानकारी शहर से लेकर गांव स्तर पर अभियान चलाकर दिया जा रहा है। इसी क्रम में मस्तूरी की जागरूक जनता ने जिला प्रशासन के सुर में सुर मिलाते हुए मोर गंगा,मोर पानी का संकल्प लिया है। 32 गांव के गणमान्य लोगों ने अधिकारियों के सामने संकल्प लिया है कि पानी की एक एक बूंद ना केवल सहेजेंगे। बल्कि हरित क्रांति लाने के लिए एक एक जनता को जागरूक भी करेंगे।
जिला प्रशासन के जल संरक्षण को लेकर शुरू किए गए अभियान को जनता ने हाथों हाथ लेना शुरू कर दिया है। शहर से गांव तक मोर गांव मोर पानी अभियान को जनता ने गंभीरता से लिया। जगह जगह आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामीण सभी लोग अपनी हिस्सेदारी निभाने सामने आने लगे हैं। कलेक्टर के आदेशानुसार सभी ब्लॉक में पशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। अधिकारी और जानकार जनता को जल महत्व की जानकारी दे रहे हैं।
इसी क्रम में मस्तूरी ब्लॉक के क्लस्टर चिल्हाटी में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर पानी की हर बूंद सहेजने और हरित क्रांति लाने दृढ़ संकल्प लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 32 गांवों के कुल 135 सदस्य शामिल हुए। जनपद सभापति सरिता नायक, चिल्हाटी सरपंच मधु पैकरा, सोन सरपंच तारा बाई के अलावा तहसीलदार प्रकाश साहू, कार्यक्रम अधिकारी रूचि विश्वकर्मा समेत सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।
प्रशिक्षण में ग्रामीणों ने भी भाग लिया। लोगों को जल संचयन और प्रबंधन को लेकर जागरूक किया गया। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर संतोष देवांगन, बाल्मिकी धीवर, अखिलेश सिंह, प्रवीण वस्त्रकार ने जल संरक्षण के तौर तरीकों के बारे में बताया। ट्रेनर ने उपस्थित लोगों मोर गांव मोर पानी महाअभियान, भू जल संरक्षण अभियान, पानी की एक एक बूंद बचाओ कल को सुरक्षित करो, जल बचाओ पेड़ लगाओ जीवन और कल अभियान की जानकारी दी।





