लाखासार से गोधन संरक्षण की नई शुरुआत, ‘सुरभि गौधाम’ मॉडल की घोषणा
बेसहारा मवेशियों के लिए नई व्यवस्था: लाखासार गौधाम से शुरू हुई राज्य की योजना

बिलासपुर…प्रदेश में बेसहारा मवेशियों की समस्या और गोधन संरक्षण को लेकर राज्य सरकार ने नई पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने तखतपुर क्षेत्र के लाखासार गांव में गौधाम का शुभारंभ किया। पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई इस पहल को राज्य में गोधन संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की योजना के रूप में देखा जा रहा है।
25 एकड़ में तैयार गौधाम, चारे की व्यवस्था
लाखासार में बना यह गौधाम करीब 25 एकड़ क्षेत्र में फैला है, जिसमें 19 एकड़ जमीन पर मवेशियों के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। यहां बेसहारा और आवारा पशुओं को आश्रय देने के साथ उनकी देखभाल, चारा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का प्रबंध किया गया है। गौधाम का संचालन स्थानीय समिति के माध्यम से किया जा रहा है।
‘सुरभि गौधाम’ नाम से पहचाने जाएंगे केंद्र
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। इन केंद्रों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन और गोबर से उपयोगी उत्पाद बनाने जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिल सकें।
पशुपालकों से संवाद, कार्यों की सराहना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गौधाम में मौजूद पशुपालकों और ग्रामीणों से बातचीत की और गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि गोधन ग्रामीण संस्कृति और कृषि अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और इसके संरक्षण के लिए राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से योजना लागू कर रही है।
गांव को विकास कार्यों की सौगात
इस मौके पर लाखासार गांव के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा भी की गई। इनमें महतारी सदन, मिनी स्टेडियम और 500 मीटर लंबा गौरव पथ शामिल है। इसके साथ ही गौधाम के लिए 25 लाख रुपये का प्रशिक्षण भवन, काऊ कैचर और पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई।





