सारंगढ़-बिलाईगढ़ /छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से शिक्षा के मंदिर में बाधा डालने का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने छात्रों की पढ़ाई में खलल डालने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बालपुर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ने और विद्यार्थियों को स्कूल के बाहर रोकने के आरोप में ग्राम पंचायत बालपुर के उपसरपंच कैलाश राय और उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

यह कार्रवाई बिलाईगढ़ के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की लिखित शिकायत के बाद की गई है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

पूरी घटना 19 अगस्त की सुबह की है, जब उपसरपंच कैलाश राय अपने कुछ सहयोगियों के साथ स्कूल के बाहर किसी बात को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान उन्होंने स्कूल के मेन गेट पर ताला लगा दिया, जिसके कारण सुबह स्कूल पहुंचे छात्र अंदर नहीं जा सके और उन्हें करीब आधे घंटे तक गेट के बाहर ही खड़ा रहना पड़ा।

शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने विद्यार्थियों को भी अपने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मजबूर किया, जिससे न केवल स्कूल की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुईं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन और ग्राम पंचायत के सरपंच ने तुरंत जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी। प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126 (2), 221 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने इस मामले में कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित और निर्बाध शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा के अधिकार और सरकारी कामकाज में इस तरह की बाधा उत्पन्न करना कानूनी रूप से गलत है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की अन्य वजहों और संलिप्त लोगों की स्पष्ट पहचान की जा सके।