सूरजपुर। ग्राम  तिलसिवा स्थित स्नेह सम्बल वृद्धाश्रम में विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर द्वारा वृहद विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष विनीता वार्नर के मार्गदर्शन तथा सचिव पायल टोपनो के निर्देशन में संपन्न हुआ। इसकी अध्यक्षता चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल हृदय नारायण श्रीवास्तव ने की।

शिविर में वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। हृदय नारायण श्रीवास्तव ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून बुजुर्ग माता-पिता को अपने बच्चों अथवा कानूनी वारिसों से भरण-पोषण, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा प्राप्त करने का अधिकार देता है। उन्होंने युवा पीढ़ी में बुजुर्गो के प्रति बढ़ती उपेक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार का सबसे अनुभवी और दूरदर्शी सदस्य बुजुर्ग ही होता है।

डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल चक्के लाल विश्वकर्मा ने एकल परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण बुजुर्गो में बढ़ रहे अकेलेपन और अवसाद की समस्या पर प्रकाश डाला। असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल अभिषेक भाई पटेल ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, वृद्धावस्था पेंशन, निःशुल्क विधिक सहायता तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी। श्वेता राय ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर और पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता तथा अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम में निवासरत कई वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बच्चों द्वारा उपेक्षा और दुर्व्यवहार के अनुभव बताए, जिससे वातावरण भावुक हो गया। अधिकारियों ने उन्हें हरसंभव कानूनी और सामाजिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में सरपंच कामेश्वर सिंह, वृद्धाश्रम अधीक्षिका पायल गुप्ता, पैरा लीगल वालंटियर्स तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।