मांग पूरी नहीं होने पर कर्मचारियों में आक्रोश…कलेक्टर कार्यालय का किया घेराव..22 को आरपार प्रदर्शन का ऐलान

बिलासपुर…राज्य कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आज फेडरेशन ने ‘मोदी की गारंटी लागू करो’ अभियान के प्रथम चरण के तहत जंगी प्रदर्शन किया। आंदोलन फेडरेशन के प्रांतीय निकाय के आह्वान पर किया गया। जिसमें सैकड़ों कर्मचारियों ने भोजनावकाश के दौरान रैली निकालकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा।
इस अवसर पर फेडरेशन के प्रांतीय संगठन मंत्री रोहित तिवारी, प्रांतीय पदाधिकारी सुनील कौशिक और महासचिव किशोर शर्मा ,लिपिक बर्ग जिला प्रमुख सूर्य प्रकाश विशेष रूप से उपस्थित रहे। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री ने वादा किया था। दो वर्ष बीत जाने के बाद भी मांग को लागू नहीं किया गया है। जिससे प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों में भारी असंतोष और नाराजगी है।
महासचिव किशोर शर्मा ने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है। फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांगों में केंद्र के समान महंगाई भत्ता, वेतन विसंगतियों का समाधान, चार स्तरीय वेतनमान, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 300 दिन का अर्जित अवकाश और संविदा, कार्यभारित तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की नियमितीकरण जैसी अहम मांगें शामिल हैं।
रोहित तिवारी सुनील यादव सूर्य प्रकाश ने बताया कि फेडरशन की चेतावनी है कि सरकार ने जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आगामी 22 अगस्त 2025 को समूचे प्रदेश में सामूहिक अवकाश लेकर प्रांतव्यापी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी पुराने कम्पोजिट बिल्डिंग परिसर में एकत्रित हुए और रजिस्ट्री कार्यालय से कलेक्टर कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से रोहित तिवारी, सुनील कौशिक, किशोर शर्मा, अजय कौशिक, राजेश पाण्डेय, राजेन्द्र दवे, विश्राम निर्मलकर, धीरज पलेरिया, पवन शर्मा, रामकुमार यादव, रमेश द्विवेदी, ओम त्रिपाठी, विनोद तिवारी, अशोक गुप्ता, राजकुमार मिश्रा सहित सैकड़ों कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल रहे। महिला कर्मचारियों में भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही,। लता वासिंग, मधु सूद, रजनी मेहर, गीता कुर्रे, सविता यादव, शीलवंती एक्का, शेफाली पाण्डेय, पुष्पा श्रीवास्तव, और अन्य का प्रदर्शन में विशेष योगदान रहा।
Healing/भावात्मक टिप्पणी (छोटी प्रेरणात्मक बात)
“जब मांगें न्यायोचित हों और इरादे मजबूत, तब आंदोलन भी बदलाव की दिशा तय करते हैं। एकजुटता की यही शक्ति अंततः न्याय की नींव रखती है।”
अगर आप चाहें तो मैं इस समाचार का PDF या Word प्रारूप भी तैयार कर सकता हूँ।





