High Court stay on transfer -चुनाव ड्यूटी वाले कर्मचारियों का तबादला सरकार की मर्जी से नहीं, आयोग की अनुमति है अनिवार्य
राज्य शासन और जनपद पंचायत अधिकारी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा है, आर्टिकल 324 भारत के संविधान के तहत चुनाव आयोग को चुनावों पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त है। निष्पक्ष चुनाव संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है।

High Court stay on transfer/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि चुनाव ड्यूटी में तैनात किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण भारत निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति के बिना करना पूरी तरह से अवैध और मनमाना है।
High Court stay on transfer/ चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने इस टिप्पणी के साथ ही राज्य सरकार द्वारा जारी एक अधिकारी के तबादला आदेश को रद्द कर दिया है।
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले का है, जहां जनपद पंचायत बेरला में कार्यरत एक अधिकारी को भारत निर्वाचन आयोग ने ‘असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर’ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी थी।
High Court stay on transfer/आयोग के निर्देशों के तहत वे मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) जैसे संवेदनशील कार्य में लगे हुए थे। इसी बीच राज्य शासन ने उनका स्थानांतरण कर दिया। इस आदेश को चुनौती देते हुए अधिकारी ने पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में याचिका दायर की थी, जहां से उन्हें राहत मिली और तबादला रद्द कर दिया गया। हालांकि, राज्य सरकार ने सिंगल बेंच के इस फैसले को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच में अपील दायर की थी।
सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से तर्क दिया गया कि स्थानांतरण आदेश पहले ही प्रभावी हो चुका है और संबंधित अधिकारियों ने अपने नए पदों पर कार्यभार भी संभाल लिया है, इसलिए अब इस मामले में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। वहीं, अधिकारी के वकील ने दलील दी कि ‘लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950’ (Representation of the People Act) की धारा 13CC के अनुसार, चुनाव कार्य में लगे कर्मचारी उस अवधि के दौरान पूरी तरह से चुनाव आयोग के प्रति जवाबदेह और उनके नियंत्रण में होते हैं। ऐसे में बिना आयोग की सहमति के उन्हें उनके पद से हटाना नियमों का उल्लंघन है।
High Court stay on transfer/दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने संविधान के अनुच्छेद 324 का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग को चुनावों के निष्पक्ष संचालन पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त है और ‘निष्पक्ष चुनाव’ हमारे संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है। अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि केवल आदेश का क्रियान्वयन हो जाने या अधिकारियों द्वारा कार्यभार संभाल लेने से कोई अवैध आदेश वैध नहीं हो जाता। जो आदेश कानून के खिलाफ है, उसे बाद में भी सही नहीं ठहराया जा सकता।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए सिंगल बेंच के फैसले को बरकरार रखा और स्पष्ट कर दिया कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में लगे किसी भी अमले का स्थानांतरण भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति के बिना संभव नहीं है।





