सियासी दिग्गज अमर से धरमलाल तक.. बजट को बताया विकास का रोडमैप.. पढ़े दीपक और सवन्नी ने क्या कहा?
दिग्गजों का आकलन: ‘संकल्प’ बजट से निवेश और रोजगार को रफ्तार

बिलासपुर… छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.72 लाख करोड़ का बजट पेश किया। ‘संकल्प’ थीम पर आधारित इस बजट को लेकर प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं और इसे कृषि, युवाओं, महिलाओं, अधोसंरचना व निवेश उन्मुख दस्तावेज बताया।
अमर “आधुनिक विजन का बजट, 5 स्तंभों पर विकास”
पूर्व मंत्री और बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने बजट को राज्य के आधुनिक विजन का दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि नीति, न्याय, निवेश, निर्माण और नवाचार—इन पाँच स्तंभों पर आधारित यह बजट संतुलित विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कृषि पंपों को निःशुल्क बिजली, कृषक उन्नति योजना, CG ACE योजना, शिक्षा सिटी, औद्योगिक पार्क, रोजगार आधारित प्रावधान और अधोसंरचना मद में बड़े आवंटन का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे युवाओं को कौशल और रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
धरमलाल. “आर्थिक विस्तार , संतुलन का प्रयास”
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने बजट को आत्मनिर्भरता और आर्थिक प्रगति की दिशा में कदम बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाएँ नहीं कर रही, बल्कि क्रियान्वयन की स्पष्ट मंशा दिखा रही है। ब्याज मुक्त कृषि ऋण, बालिकाओं को 18 वर्ष पूर्ण होने पर सहायता, लखपति दीदी योजना, अधोसंरचना विस्तार और एयरपोर्ट विकास जैसे प्रावधानों को उन्होंने संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
भूपेंद्र सवन्नी: “समावेशी विकास और निवेश का रोडमैप”
क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने बजट को जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप बताया। संवन्नी के अनुसार यह दस्तावेज क्षेत्रीय संतुलन, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण और अंतिम छोर तक सेवाओं की उपलब्धता पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि बिना नए कर लगाए राजस्व वृद्धि और किसानों को समय पर सब्सिडी देना सरकार की वित्तीय प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है।
दीपक सिंह: “अटल निर्माण वर्ष से रोजगार को गति”
भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ने बजट में युवाओं के कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन और महिला सशक्तिकरण के प्रावधानों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि ‘अटल निर्माण वर्ष’ के तहत अधोसंरचना निवेश से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सड़क, बिजली और ग्रामीण विकास मद में बड़े आवंटन को उन्होंने सुदूर अंचलों तक विकास पहुंचाने की पहल बताया।





