36.50 लाख..दोस्ती हुई तार-तार, करीबी ही निकला साजिश का मास्टरमाइंड
रायपुर में दोस्ती का विश्वास टूटा..करीबी ही निकला गुनहगार

रायपुर… राजधानी में भरोसे को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जमीन रजिस्ट्री के लिए साथ गया दोस्त ही लाखों की रकम पार करने की साजिश का सूत्रधार निकला। थाना सिविल लाइन क्षेत्र स्थित महतारी चौक मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ी कार से 36.50 लाख रुपये गायब होने की घटना ने शहर में सनसनी फैला दी थी। अब पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरी रकम बरामद कर ली है।
रजिस्ट्री से पहले ही रची गई चाल
जानकारी के मुताबिक, प्रार्थी ज्ञानप्रकाश पांडे जमीन खरीदी के सिलसिले में नकद 36.50 लाख रुपये लेकर रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे थे। उनके साथ उनका करीबी मित्र नितिन सोनी भी मौजूद था। कार मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ी कर पांडे रजिस्ट्री कार्यालय चले गए और वाहन की चाबी मित्र को सौंप दी। कुछ ही देर बाद फोन आया—कार से रकम चोरी हो गई है।
शुरुआत में मामला अज्ञात चोर के खिलाफ दर्ज हुआ, लेकिन घटनास्थल और परिस्थितियों ने कई सवाल खड़े कर दिए।
सीसीटीवी और तकनीकी से खुली परतें
एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट और सिविल लाइन पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। पार्किंग और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण किया गया। पूछताछ के दौरान नितिन के बयान बार-बार बदलते रहे, जिससे पुलिस का शक गहरा गया। कड़ाई से पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई।
कर्ज के बोझ में टूटा भरोसा
जांच में खुलासा हुआ कि नितिन भारी कर्ज में डूबा हुआ था। आर्थिक दबाव से निकलने के लिए उसने अपने ही दोस्त की रकम पर नजर डाल दी। उसने अपने परिचित तनवीर आलम को बुलाकर कार से नकदी निकलवाई और बदले में दो लाख रुपये देने का वादा किया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पूरी 36.50 लाख रुपये की रकम बरामद कर ली है।
भरोसे पर सवाल
यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि विश्वास के टूटने का भी है। जिस दोस्त पर जिम्मेदारी सौंपी गई, वही पूरी साजिश का सूत्रधार निकला। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।





