पटना…बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों के लिए मतगणना शुरू हो गई है। राज्य के प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में 243 रिटर्निंग अधिकारी और 243 मतगणना पर्यवेक्षक तैनात हैं, जो उम्मीदवारों और उनके अधिकृत एजेंटों की मौजूदगी में पूरे प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने मतगणना को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराने के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू किए हैं।

 4,372 मतगणना टेबल, 18 हजार से ज्यादा एजेंट

राज्यभर में कुल 4,372 मतगणना टेबल लगाई गई हैं। हर टेबल पर एक मतगणना पर्यवेक्षक, एक सहायक, और एक माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात है। साथ ही, उम्मीदवारों द्वारा नियुक्त 18,000 से अधिक मतगणना एजेंट प्रक्रिया पर निगरानी रखे हुए हैं। आयोग के अनुसार, इसकी वजह से मतगणना की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पूरी तरह सुनिश्चित होगी।

 पोस्टल बैलेट पहले, उसके बाद ईवीएम

चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि डाक मतपत्रों  की गिनती ईवीएम मतगणना शुरू होने के अंतिम चरण से पहले पूरी कर ली जाए। ईवीएम गिनती के दौरान मतगणना एजेंटों को कंट्रोल यूनिट्स उपलब्ध कराई जाएँगी, ताकि वे सीलों और क्रम संख्या का फॉर्म 17C (भाग-1) से मिलान कर सकें।

यदि किसी मतदान केंद्र में ईवीएम डेटा और फॉर्म 17C के आंकड़ों में discrepancy मिलती है, तो उस केंद्र की वीवीपैट पर्चियों की अनिवार्य गिनती की जाएगी।

 वीवीपैट का रैंडम सत्यापन

ईवीएम मतगणना पूरी होने के बाद, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 5 मतदान केंद्रों का रैंडम चयन किया जाएगा। इन केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों को उम्मीदवारों की उपस्थिति में ईवीएम परिणामों से मिलान किया जाएगा। इसे अंतिम सत्यापन माना जाएगा।

 अंतिम परिणाम केवल ईसीआई पोर्टल पर

रिटर्निंग अधिकारी प्रत्येक राउंड के परिणामों को संकलित कर निर्वाचन क्षेत्रवार अंतिम नतीजे जारी करेंगे आधिकारिक परिणाम केवल ईसीआई पोर्टल पर उपलब्ध होंगे।

चुनाव आयोग ने जनता और मीडिया संस्थानों को आगाह किया है कि वे अनौपचारिक स्रोतों पर भरोसा न करें, क्योंकि उनसे गलत सूचना फैलने की आशंका रहती है। टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को रिपोर्टिंग में सटीकता और सत्यापन को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।