CG: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट कर 18 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को एटीएस का अफसर बताकर शिक्षक से कहा कि आपके आधार नंबर का इस्तेमाल जम्मू कश्मीर में बैंक खाता खोलने और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया है। ठग ने इस दौरान शिक्षक के खातों की जांच के नाम पर करीब 18 लाख ठग लिए।

टीचर को जब खुद के साथ धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल साइबर थाने में अपराध दर्ज करवाया। पीड़ित की शिकायत के बाद मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

दरअसल ये पूरा मामला सड्डू विधानसभा के हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी का है। मकान नंबर 995 सेक्टर 6 निवासी अखिलेश कुमार मिश्रा ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाया हैं। शिक्षक ने बताया कि वो ज्ञान गंगा एजुकेशनल एकेडमी रायपुर में टीचर के पद पर है।

24 सितंबर को स्कूल से छुट्टी होने के बाद अपने घर पहुंचा था। इसी बीच दोपहर में एक नंबर से फोन आया। फोन रिसीव करने पर सामने वाले ने खुद को नया रायपुर एटीएस ऑफिस का सिनियर अफसर बताया।

आरोपी ने कहा कि आपके आधार नंबर से जम्मू कश्मीर में बैंक खाता खोला गया है। एटीएस ऑफिस लखनउ से आपकी गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ है। आप तुरंत एटीएस ऑफिस नया रायपुर पहुंचे।

यह बात सूनकर शिक्षक घबरा गए और उन्होंने थका होने के कारन ऑफिस आने में असमर्थ बताया। इसके बाद ठग ने कहा कि लखनउ ऑफिस से बात करों कहकर काॅल एक अन्य नंबर से कनेक्टर कर दिया।

आरोपी ने कहा कि आपके नाम से जो खाता जम्मू कश्मीर में खोला गया है, उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस हुआ है। आपके खिलाफ वारंट जारी हुआ है। मैं हमारे सिनियर ऑफिस आईजी विक्रम सिंह को आपका नंबर दे रहा हूं, आपको फोन आएगा। रेस्पेक्ट से बात करिएगा।

थोड़ी देर बाद मोबाइल पर वीडियो काॅल आया, जिसमें पुलिस की वर्दी पहने एक आदमी था। आरोपी ने पहले पूरे परिवार के बारे में पूछा। इसके बाद उसने बैंक खातों की जांच के नाम पर डिटेल्स मांगा और फिर तीन दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर करीब 18 लाख ठग लिया।

मामले में जब शिक्षक को खुद के साथ ठगी की जानकारी हुई तो उन्होंने साइबर थाने में दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले में सूचना प्रोधौगिकी संशोधन अधिनियम 2008, 43, 66 सी, 66 डी, 3,5, 308, 318, 318-4, 319 2, दर्ज कर जांच की जा रही है।