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Chhattisgarh

CG NEWS:रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत ! अब 50% से अधिक अनारक्षित टिकट मोबाइल ऐप और एटीवीएम से – बिना कतार, बिना झंझट !

CG NEWS:बिलासपुर ।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में डिजिटल टिकटिंग को जबरदस्त बढ़ावा मिल रहा है । अब 50% से अधिक अनारक्षित टिकट यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप और एटीवीएम (ऑटोमैटिकटिकट वेंडिंग मशीन) के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों से छुटकारा मिल रहा है । साथ ही, आर-वालेट से डिजिटल भुगतान करने पर यात्रियों को 3% बोनस का भी लाभ मिल रहा है । इसके साथ ही यात्रियों को लाइन में लगने की समस्या से छुटकारा मिल रहा है तथा खुदरे पैसे की समस्या से निजात भी मिल रहा है ।

डिजिटल टिकटिंग में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का स्थान भारतीय रेलवे में अव्वल स्थान पर रहा है । अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के दौरान, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 21-22% यात्रियों को मोबाइल ऐप के माध्यम से टिकट प्रदान किए, जिससे यह अन्य रेलवे के मुक़ाबले प्रथम स्थान बरकरार रखा है ।

एटीवीएम (ऑटोमैटिकटिकट वेंडिंग मशीन) से भी टिकटिंग में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई है । वर्तमान में, 46 स्टेशनों पर 87 एटीवीएम (ऑटोमैटिकटिकट वेंडिंग मशीन) मशीनों के जरिए भी यात्रियों को टिकट सुविधा मिल रही है, तथा यूपीआई क्यूआर के माध्यम से भूगतान कर स्वयं टिकट बुक कर रहे हैं, जिससे डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा मिल रहा है ।

यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए मोबाइल टिकटिंग ऐप में नए नए फीचर्स जोड़े जा रहे हैं । मोबाइल टिकटिंग एप को लगातार नई सुविधाओं और बेहतर यूजर इंटरफेस के साथ अपडेट किया जाता है, जिससे इसे और अधिक सुविधाजनक और तेज बनाया जा सके । यात्रियों से अनुरोध है कि वे यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप और एटीवीएम (ऑटोमैटिकटिकट वेंडिंग मशीन) का अधिक से अधिक उपयोग कर बिना कतार, बिना झंझट टिकट प्राप्त करें और सफर को आसान बनाएं ।

Chief Editor

छत्तीसगढ़ के ऐसे पत्रकार, जिन्होने पत्रकारिता के सभी क्षेत्रों में काम किया 1984 में ग्रामीण क्षेत्र से संवाददाता के रूप में काम शुरू किया। 1986 में बिलासपुर के दैनिक लोकस्वर में उपसंपादक बन गए। 1987 से 2000 तक दिल्ली इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में बिलासपुर संभाग के संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं। 1991 में नवभारत बिलासपुर में उपसंपादक बने और 2003 तक सेवाएं दी। इस दौरान राजनैतिक विश्लेषण के साथ ही कई चुनावों में समीक्षा की।1991 में आकाशवाणी बिलासपुर में एनाउँसर-कम्पियर के रूप में सेवाएं दी और 2002 में दूरदर्शन के लिए स्थानीय साहित्यकारों के विशेष इंटरव्यू तैयार किए ।1996 में बीबीसी को भी समाचार के रूप में सहयोग किया। 2003 में सहारा समय रायपुर में सीनियर रिपोर्टर बने। 2005 में दैनिक हरिभूमि बिलासपुर संस्करण के स्थानीय संपादक बने। 2009 से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में बिलासपुर के स्थानीय न्यूज चैनल ग्रैण्ड के संपादक की जिम्मेदारी निभाते रहे । छत्तीसगढ़ और स्थानीय खबरों के लिए www.cgwall.com वेब पोर्टल शुरू किया। इस तरह अखबार, रेडियो , टीवी और अब वेबमीडिया में काम करते हुए मीडिया के सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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