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CBSE School-अब स्कूलों को वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होगी शिक्षकों की पूरी कुंडली, 15 सितंबर तक का मिला समय

CBSE School-दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने अपनी संबद्धता वाले स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने सभी स्कूलों को कड़े निर्देश जारी करते हुए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर शिक्षकों की पूरी जानकारी अनिवार्य रूप से अपलोड करने को कहा है।

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों को न केवल यह डेटा सार्वजनिक करना होगा, बल्कि समय-समय पर इसे अपडेट भी करना होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को स्कूल की शैक्षणिक गुणवत्ता और शिक्षकों की योग्यता के बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराना है।

बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, ‘अनिवार्य सार्वजनिक प्रकटीकरण’ (Mandatory Public Disclosure) के नियम का सख्ती से पालन करना अब हर स्कूल के लिए आवश्यक होगा। स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर शिक्षकों का पूरा नाम, उनकी शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण और अनुभव के साथ-साथ प्रमाणित दस्तावेजों को भी निर्धारित प्रारूप में अपलोड करना होगा।

इसके अलावा, संबद्धता उपनियमों के तहत प्रत्येक स्कूल के लिए अपनी वेबसाइट संचालित करना अनिवार्य है, जिस पर स्कूल की संबद्धता की स्थिति, आधारभूत संरचना, विद्यार्थियों की कुल संख्या, संपर्क विवरण, परीक्षा शुल्क और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध होनी चाहिए।

शिक्षकों के डेटा के साथ-साथ बोर्ड ने स्कूलों को अपनी वार्षिक रिपोर्ट जमा करने के लिए 15 सितंबर तक की समयसीमा निर्धारित की है। स्कूलों को इस रिपोर्ट में अपने पूरे साल का शैक्षणिक कैलेंडर, उपलब्धियां, नवाचार, पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयास, पेरेंट्स-टीचर एसोसिएशन (PTA) की गतिविधियां और स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का विस्तृत ब्योरा देना होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह रिपोर्ट स्कूल की शैक्षणिक प्रगति का आईना होगी और इसे वेबसाइट पर सार्वजनिक करना अनिवार्य है।

छात्र-शिक्षक अनुपात को लेकर भी सीबीएसई ने स्थिति साफ कर दी है। निर्देशों के मुताबिक, स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों का अनुपात 30:1 से अधिक नहीं होना चाहिए। साथ ही, प्रत्येक सेक्शन के लिए कम से कम 1.5 शिक्षक होना अनिवार्य है। इस गणना में प्रधानाचार्य, शारीरिक शिक्षा शिक्षक और काउंसलर को शामिल नहीं किया जाएगा। बोर्ड का मानना है कि सही अनुपात होने से ही शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखा जा सकता है।

सीबीएसई ने अपनी चेतावनी में कहा है कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद कई स्कूल अपनी वेबसाइट पर या तो जानकारी अपडेट नहीं कर रहे हैं या फिर गलत और अपूर्ण डेटा दे रहे हैं। बोर्ड ने सख्त लहजे में कहा है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो संबद्धता उपनियमों के तहत संबंधित स्कूलों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

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