जमानत के बाद खूनी अंजाम: बालोद में आंगनबाड़ी परिसर बना वारदात की जमीन, हत्या के बाद आरोपी की खुदकुशी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या के बाद आरोपी ने की खुदकुशी

बालोद… छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के देवरी थाना क्षेत्र में सोमवार को घटित दोहरी वारदात ने महिला सुरक्षा और जमानत के बाद निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता योगेश्वरी देवांगन की दिनदहाड़े चाकू मारकर हत्या कर दी गई, और कुछ ही देर बाद आरोपी लखन लाल देवांगन ने उसी परिसर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना दोपहर के समय की बताई जा रही है। योगेश्वरी रोज की तरह आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान लखन लाल देवांगन वहां पहुंचा और दोनों के बीच तीखा विवाद हुआ। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और आरोपी ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और तीव्र था कि मौके पर ही योगेश्वरी की मौत हो गई। वारदात के तुरंत बाद आरोपी ने परिसर में ही फांसी लगा ली।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पर पूर्व में दुष्कर्म का मामला दर्ज था। वह सजा काट चुका था और जनवरी 2026 में जमानत पर रिहा हुआ था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि रिहाई के बाद उसके व्यवहार और गतिविधियों की निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी और क्या किसी प्रकार की आशंका की सूचना पहले से थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है, जिसमें पुराना आपराधिक विवाद और व्यक्तिगत रंजिश प्रमुख बिंदु हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, योगेश्वरी अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय और जिम्मेदार कार्यकर्ता के रूप में जानी जाती थीं। उनकी हत्या ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं आरोपी के परिजन भी स्तब्ध हैं।
यह घटना केवल एक आपराधिक कृत्य भर नहीं, बल्कि उस तंत्र पर प्रश्नचिह्न है जो जमानत के बाद संभावित जोखिमों की निगरानी करता है। महिला कार्यस्थलों, विशेषकर आंगनबाड़ी जैसे सार्वजनिक सेवा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी अब बहस तेज होना तय है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे। फिलहाल देवरी थाना क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है और प्रशासन ने महिला कर्मियों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त कदम उठाने की बात कही है।





