बिलासपुर की नई छलांग : बिलासा एयरपोर्ट विस्तार का रास्ता साफ, 4C अपग्रेड अब तय
290.8 एकड़ सैन्य भूमि हस्तांतरित, बड़े विमानों की आवाजाही का मार्ग खुला—बिलासपुर की कनेक्टिविटी में होगा विस्तार

बिलासपुर…लंबे इंतजार, जनदबाव और लगातार उठती मांगों के बीच आखिरकार बिलासपुर को वह निर्णायक क्षण मिल गया, जिसका शहर वर्षों से इंतजार कर रहा था। बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट, चकरभाठा के विस्तार को सोमवार को तब ऐतिहासिक रफ्तार मिली, जब 290.8 एकड़ सैन्य भूमि का विधिवत हस्तांतरण जिला प्रशासन को कर दिया गया।
यह सिर्फ जमीन का हस्तांतरण नहीं, बल्कि बिलासपुर की हवाई पहचान को नई ऊंचाई देने वाला ठोस कदम है—अब एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है।
विस्तार को मिली निर्णायक गति
भारतीय सेना और रक्षा संपदा कार्यालय (डीईओ) जबलपुर के अधिकारियों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल की मौजूदगी में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी की। आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के साथ ही यह जमीन औपचारिक रूप से जिला प्रशासन को सौंप दी गई।
इस अहम फैसले के बाद एयरपोर्ट के लिए कुल उपलब्ध भूमि बढ़कर 646.8 एकड़ हो गई है—जो एक बड़े, आधुनिक एयरपोर्ट के विकास के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
4C श्रेणी: बड़े विमानों की एंट्री अब तय
अतिरिक्त भूमि मिलते ही रनवे विस्तार की सबसे बड़ी बाधा खत्म हो गई है। 4C श्रेणी में अपग्रेड होने के बाद अब बड़े विमानों की आवाजाही संभव होगी। इसका सीधा असर बिलासपुर की कनेक्टिविटी पर पड़ेगा—देश के प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानों का रास्ता खुलेगा और व्यापार, निवेश व रोजगार को नई गति मिलेगी।
आंदोलन से उपलब्धि तक
यह उपलब्धि अचानक नहीं आई। शहर में लंबे समय से एयरपोर्ट विस्तार की मांग को लेकर लगातार आवाज उठती रही। नगरीय मंच के बैनर तले हुए आंदोलनों और जनदबाव ने इस मुद्दे को लगातार जिंदा रखा—और अब उसका ठोस परिणाम सामने है।
अधिकारियों की मौजूदगी में ऐतिहासिक प्रक्रिया
भूमि हस्तांतरण के दौरान भारतीय सेना के कर्नल ए. मजूमदार, कर्नल दिनेश पट्टाभि, लेफ्टिनेंट कर्नल नीरज सिंह, रक्षा संपदा अधिकारी मोहम्मद शाद आलम, एयरपोर्ट डायरेक्टर एन. वीरेन सिंह, एडीएम ज्योति पटेल, एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बिलासपुर के लिए क्या बदलेगा?
यह विस्तार सिर्फ एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा—यह पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, उद्योग और रोजगार के अवसरों को नई दिशा देगा। बिलासपुर अब क्षेत्रीय शहर से आगे बढ़कर एक उभरते एयर कनेक्टिविटी हब की ओर कदम बढ़ा रहा है।





