Bhasma Aarti Attempt-फर्जी सचिव का हाई-प्रोफाइल ड्रामा.. महाकाल की भस्म आरती के लिए प्रशासन पर बनाया दबाव, आईडी मांगते ही खुली पोल
उज्जैन में एक व्यक्ति ने खुद को केंद्र सरकार का संयुक्त सचिव बताकर प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया। उसने सर्किट हाउस में कमरे बुक करवाए और महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती के लिए विशेष व्यवस्था की मांग की। संदेह होने पर जांच की गई, जिसके बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

Bhasma Aarti Attempt/उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन में खुद को केंद्र सरकार का बड़ा अधिकारी बताकर वीआईपी सुविधाओं का लाभ उठाने की कोशिश करने वाले एक नटवरलाल का भंडाफोड़ हुआ है। दिल्ली के रहने वाले एक युवक ने स्वयं को नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Aviation Ministry) का संयुक्त सचिव (Joint Secretary) बताकर न केवल सर्किट हाउस में ठाठ-बाठ से कमरे बुक कराए, बल्कि भगवान महाकालेश्वर की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के लिए भी प्रोटोकॉल के तहत विशेष व्यवस्था करने का दबाव बनाया।
हालांकि, प्रशासनिक सतर्कता और पहचान पत्र की मांग ने आरोपी के झूठ का गुब्बारा फोड़ दिया, जिसके बाद उसे पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।जानकारी के अनुसार, दिल्ली के द्वारकापुरी निवासी अतुल कुमार नामक इस युवक ने ठगी का पूरा जाल बुन रखा था। उसने सबसे पहले महाकाल मंदिर प्रशासन के अधिकारी प्रथम कौशिक को फोन किया और खुद को मंत्रालय का रसूखदार अधिकारी बताते हुए प्रभाव जमाने की कोशिश की।
Bhasma Aarti Attempt/इसके बाद उसने जिला प्रशासन के प्रोटोकॉल अधिकारी को भी गुमराह कर देवास रोड स्थित सर्किट हाउस में दो कमरे आरक्षित करा लिए। शनिवार शाम जब अतुल अपने परिवार और दोस्तों के साथ सर्किट हाउस पहुंचा, तो उसे लगा कि उसका खेल कामयाब हो गया है, लेकिन यहीं से उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई।
सर्किट हाउस के कर्मचारियों ने जब नियमानुसार उससे पहचान पत्र (ID Card) मांगा, तो अतुल टालमटोल करने लगा और पद का धौंस दिखाने की कोशिश की।
Bhasma Aarti Attempt/कर्मचारी को संदेह हुआ, जिसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। जिला प्रशासन ने जब तत्काल संबंधित मंत्रालय से संपर्क कर अतुल कुमार नाम के अधिकारी के बारे में जानकारी जुटाई, तो पता चला कि उस नाम का कोई भी व्यक्ति वहां कार्यरत नहीं है। फर्जीवाड़े की पुष्टि होते ही प्रशासन ने तुरंत महाकाल थाना पुलिस को सूचित किया और शनिवार देर रात आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में कई और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर है और उसने केवल सचिव ही नहीं, बल्कि हाईकोर्ट रजिस्ट्रार के नाम से भी फर्जी पत्र भेजने की बात स्वीकार की है। वह अक्सर अपने परिवार में किसी आईएएस (IAS) अधिकारी के होने का हवाला देकर लोगों पर प्रभाव जमाता था।
मंदिर के सुरक्षा प्रभारी जयंत राठौर के अनुसार, पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि आरोपी के साथ आए अन्य लोगों की इस साजिश में क्या भूमिका थी और उसने पूर्व में इस फर्जी पहचान के जरिए किन-किन जगहों पर प्रशासन को चूना लगाया है। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।





