बिलासपुर..प्रदेश सरकार की 12 वर्ष की उपलब्धियों को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने महंगाई और जनता की समस्याओं को लेकर उपमुख्यमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर जनता के दर्द से कटे होने का आरोप लगाया है।

शैलेश पांडेय ने कहा कि डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस और रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से केवल कांग्रेस नहीं, बल्कि प्रदेश का हर आम नागरिक प्रभावित है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महंगाई से सिर्फ विपक्ष को परेशानी है, भाजपा के कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को इसका असर महसूस नहीं होता?

पूर्व विधायक ने कहा कि जनता की समस्याओं को उठाना विपक्ष का दायित्व है और इसे राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से जूझ रही है, लेकिन सरकार अपनी उपलब्धियों के प्रचार में व्यस्त है।

शैलेश पांडेय ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने विरोध करने वालों को पाकिस्तान जाने की बात कही थी। पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना हर नागरिक का अधिकार है। महंगाई और जनसरोकार के मुद्दों पर आवाज उठाने वालों को देशभक्ति का प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा कि जनता की परेशानी को समझने के बजाय यदि सत्ता पक्ष सवाल उठाने वालों को ही निशाने पर लेगा तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा। सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि जनता की आवाज को दबाने का प्रयास करना चाहिए।

पूर्व विधायक ने दावा किया कि प्रदेश की जनता बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की कठिनाइयों से परेशान है तथा सरकार को जमीनी हकीकत पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता की आवाज उठाता रहेगा और जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगता रहेगा।