CG Weather Update : चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से हुए नुकसान  का अभी ठीक से आकलन भी नहीं हो पाया है कि मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में एक और नए चक्रवाती सिस्टम के सक्रिय होने की चेतावनी जारी कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट अनुसार चक्रवातों के नामकरण की प्रक्रिया के तहत इस आने वाले नए तूफान का नाम ‘मुरासु’ रखा गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम तेजी से ताकतवर हो रहा है और इसका असर देश के कई राज्यों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी साफ तौर पर देखने को मिलेगा।

प्रशासन ने किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पहले से ही कमर कस ली है और तटीय इलाकों के साथ-साथ अंदरूनी हिस्सों में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

दक्षिण-पूर्व और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा अवदाब (डिप्रेशन) का यह सिस्टम आने वाले कुछ ही घंटों में एक भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। यह प्रणाली वर्तमान में चेन्नई, विशाखापट्टनम, नेल्लोर, मछलीपट्टनम और ओंगोल जैसे प्रमुख तटीय शहरों से काफी दूरी पर स्थित है।

लेकिन इसका दायरा बहुत बड़ा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह सिस्टम पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक प्रचंड चक्रवाती तूफान में तब्दील होकर आगे बढ़ेगा। इस दौरान समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहने की संभावना है, जिसके चलते हवाएं बहुत तेज रफ्तार से चलेंगी।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, यह चक्रवाती तूफान 3 नवंबर 2026 की सुबह तक नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा। तट से टकराते समय हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा और हवा के तेज झोंकों के साथ यह गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सभी तटीय इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। समुद्र में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक पूरी तरह तट से दूर रहने और समंदर में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

इस समुद्री तूफान का सीधा असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी पड़ेगा। मौसम विभाग ने राज्य के दक्षिणी हिस्से यानी बस्तर संभाग, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के अलावा राजनांदगांव तथा दुर्ग संभाग के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

2 नवंबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 3 और 4 नवंबर को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी।