Bilaspur
25 हजार असाक्षर को साक्षर बनने का नेवता…कलेक्टर ने पाती भेजकर किया आमंत्रित…बताया…इस बीच कभी भी आकर दें परीक्षा
कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ी बोली में असाक्षरों को भेजा नेवता

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बिलासपुर—उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के तहत 23 मार्च 2025 को नवसाक्षरों के लिए मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि परीक्षा को लेकर पूरी तैयारी हो चुकी है। चारों विकासखंड में 550 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। लोगों को स्वयं सेवक 200 घंटे निशुल्क पठन पाठन में योगदान देंगे। उन्होने बताया कि असाक्षर लोग 10 से 5 बजे के बीच किसी भी समय काम धंधा को छोड़कर परीक्षा दे सकेंगे।
कलेक्टर ने बताा कि 23 मार्च को जिले में नवाक्षरों के लिए मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण से जिले के लिये 30 हजार असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। स्वयं सेवकों ने निःशुल्क 200 घंटे का अध्ययन कराया है। इस दौरान असाक्षरों को पढ़ना लिखना संख्यात्मक ज्ञान से परिचय कराया गया है। जिसका आकलन एफऍएलएनएटी बुनियादी साक्षरता के माध्यम से किया जाएगा। परीक्षा में 25 हजार असाक्षरों के शामिल होने कि संभावना है। परीक्षा का समय सवेरे 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस बीच असाक्षर अपना काम धंधा को छोड़कर किसी भी समय परीक्षा केन्द्र पहुंच कर आकलन परीक्षा दे सकेंगे।
कलेक्टर ने बताया कि केन्द्रीय जेल के 140 असाक्षर बंदी महिला और पुरुष भी उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के तहत अपनी पढाई पूरी कर चुके हैं। ऐसे बंदी जो पढ़े लिखे हैं स्वयंसेवक बनकर पढ़ने लिखने का काम किया है वह भी आकलन परीक्षा में शामिल होंगे। जानकारी देते चलें कि 2011 के जनसांख्यिकी आंकडे के अनुसार बिलासपुर जिले में साक्षरता का प्रतिशत 74.76 प्रतिशत है। शेष व्यक्क्तियों को साक्षर बनाने के लिए सरकार अलग अलग योजना के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही है । वर्तमान में 2027 तक पूरे देश को शत प्रतिशत साक्षर करने का कार्यक्रम चलाया जा रहा। जिला स्तर पर निरिक्षण दल का भी गठन किया गया है। दल के सदस्य 10 बजे से 05 बजे तक पूरे समय परीक्षा केन्द्रों का जायजा लेंगे।