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Akshaya Tritiya-अक्षय तृतीया 2026: राशि के अनुसार दान करने से खुलेंगे किस्मत के द्वार, मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए जरूर करें ये उपाय

Akshaya Tritiya/’हिन्दू धर्म में अक्षय तृतीया का दिन अपने आप में सिद्ध और अत्यंत शुभ माना गया है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व ‘अबूझ मुहूर्त’ लेकर आता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया पर किया गया दान कभी ‘क्षय’ नहीं होता, अर्थात उसका फल अनंत काल तक मिलता रहता है। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि यदि इस दिन अपनी राशि के अनुसार दान किया जाए, तो न केवल कुंडली के ग्रह दोष दूर होते हैं, बल्कि देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य का भंडार भर जाता है।

मेष और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए, जिनका स्वामी मंगल है, अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर तांबे के बर्तन, लाल मसूर की दाल, लाल वस्त्र और गुड़ का दान करना सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। ऐसा करने से मंगल ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है। वहीं, शुक्र के स्वामित्व वाली वृषभ और तुला राशि के लोगों को चावल, चांदी, चीनी और सफेद वस्त्रों का दान करना चाहिए। यह दान आपके जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं, ऐश्वर्य और शांति की वृद्धि करने वाला माना जाता है।Akshaya Tritiya

बुध ग्रह के प्रभाव वाली मिथुन और कन्या राशि के जातकों को इस पावन दिन पर खीरा, मूंग की दाल, हरे वस्त्र और फलों का दान करना चाहिए। मान्यता है कि इन चीजों का दान करने से आपकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है और व्यापार में सफलता के योग बनते हैं।

Akshaya Tritiya/ चंद्रमा की राशि कर्क के जातकों को दूध, चावल, सफेद वस्त्र और दूध से बनी मिठाइयों का दान करना चाहिए ताकि मानसिक शांति बनी रहे। वहीं, सूर्य के स्वामित्व वाली सिंह राशि के लोगों के लिए गेहूं, तांबा, स्वर्ण (यदि संभव हो) और गुड़ का दान करना मान-सम्मान व सौभाग्य में वृद्धि करने वाला साबित होता है।

देवगुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाली धनु और मीन राशि के जातकों को अक्षय तृतीया पर पीले वस्त्र, हल्दी, केले और चने की दाल का दान करना चाहिए। यह उपाय न केवल गुरु ग्रह को मजबूत करता है बल्कि भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त कृपा दिलाता है। अंत में, शनि देव की राशियों—मकर और कुंभ के लिए कंबल, लोहा और काले तिल का दान करना उत्तम माना गया है। इससे शनि देव की प्रतिकूलता दूर होती है और जीवन में स्थिरता आती है। अक्षय तृतीया का यह महापर्व दान-पुण्य के जरिए अपने जीवन की नकारात्मकता को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा भरने का एक स्वर्णिम अवसर है।Akshaya Tritiya

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